Wednesday, February 4

नीतीश सरकार के 5 बड़े मिशन, जो पूरा करेंगे पीएम मोदी का सपना: बिहार बजट 2026-27 में कृषि और पशुपालन पर बड़ा दांव

पटना। बिहार सरकार ने बजट 2026-27 में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कई बड़े कदम उठाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विकास की रफ्तार को और तेज करने के लिए 5 प्रमुख मिशन शुरू करने की दिशा में काम शुरू किया है। इन मिशनों का उद्देश्य बिहार को कृषि, पशुपालन और ग्रामीण बाजार व्यवस्था में देश का अग्रणी राज्य बनाना है, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और किसान सशक्तिकरण के सपने को साकार किया जा सके।

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राज्य सरकार के अनुसार बिहार की लगभग 76 प्रतिशत आबादी की आजीविका कृषि और इससे जुड़े कार्यों पर निर्भर है। कृषि रोडमैप लागू होने के बाद वर्ष 2005 से अब तक बिहार में खाद्यान्न उत्पादन में तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम आकलन में राज्य ने 326.62 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन कर नया रिकॉर्ड बनाया है।

बिहार देश में मखाना उत्पादन में शीर्ष स्थान पर है, जहां भारत के कुल उत्पादन का 85 प्रतिशत मखाना बिहार में होता है। वहीं देश की 23 प्रतिशत लीची भी बिहार में पैदा होती है। इसके अलावा सब्जी और मक्का उत्पादन में भी बिहार प्रमुख राज्यों में शामिल है।

बजट 2026-27 में नीतीश सरकार के 5 प्रमुख मिशन

1. बिहार एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन

बिहार सरकार ने कृषि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बिहार एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के गठन का फैसला लिया है। इसके तहत शुरुआती चरण में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इस मिशन के जरिए कोल्ड स्टोरेज, गोदाम, प्रसंस्करण केंद्र और कृषि से जुड़े अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जाएगा।

2. बिहार कृषि एक्सीलरेशन मिशन

राज्य सरकार बिहार को कृषि स्टार्टअप का हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। जीआई टैग प्राप्त उत्पादों के विपणन के लिए एक समर्पित बाजार विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण कृषि हाटों के विकास के लिए बिहार कृषि एक्सीलरेशन मिशन की तैयारी चल रही है।

सरकार राज्य के कुल 53 कृषि उपज बाजार प्रांगणों का आधुनिकीकरण कर रही है। इनमें से 20 बाजार ई-नाम से जुड़ चुके हैं और 34 बाजारों को जल्द इससे जोड़ा जाएगा।

इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि की तर्ज पर राज्य सरकार ने जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि शुरू करने का ऐलान किया है, जिसके तहत किसानों को 3000 रुपये प्रतिवर्ष अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।

3. एआई युक्त यांत्रिक कृषि मिशन

कृषि को आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार ने एआई युक्त यांत्रिक कृषि मिशन की दिशा में कदम बढ़ाया है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए एकीकृत डेटाबेस प्रणाली विकसित करने हेतु कृषि विभाग के तहत डिजिटल कृषि निदेशालय का गठन किया गया है।

राज्य के सभी 38 जिलों में जलवायु-अनुकूल कृषि कार्यक्रम के तहत 190 गांवों को मॉडल कृषि गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के अंतर्गत 3 लाख मिट्टी नमूनों का विश्लेषण कर किसानों को कार्ड वितरित किए गए हैं। साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 में किसानों को 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।

4. वन हेल्थ मिशन

पशुपालन और मानव स्वास्थ्य को जोड़कर एक नई रणनीति के तहत सरकार ने वन हेल्थ मिशन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। इस मिशन के तहत उन्नत नस्ल के बकरों के सीमेन से सीमेन स्ट्रॉ तैयार कर कृत्रिम गर्भाधान को बढ़ावा देने के लिए गोट सिमेन स्टेशन की स्थापना को स्वीकृति दी गई है।

इसके अलावा बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के अंतर्गत “वन हेल्थ प्लेटफॉर्म” के माध्यम से रेबीज, ब्रुसेलोसिस, जुनोटिक टीबी जैसे रोगों की सतत निगरानी और त्वरित जांच प्रणाली विकसित की जाएगी।

5. समग्र गव्य विकास योजना

बिहार सरकार ने डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने के लिए समग्र गव्य विकास योजना को बजट में विशेष प्राथमिकता दी है। इस योजना के तहत किसानों और बेरोजगार युवक-युवतियों को ऋण-सह-अनुदान तथा स्व लागत पर डेयरी फार्मिंग के लिए सहायता दी जाएगी।

वहीं बकरी विकास योजना के तहत बकरी प्रजनन, अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, बकरी सीमेन स्टेशन, और बकरी फेडरेशन के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया है।

कृषि और पशुपालन से बदलेगा बिहार का भविष्य

विशेषज्ञों के अनुसार इन पांच मिशनों के जरिए बिहार में कृषि, पशुपालन, स्टार्टअप, तकनीकी खेती और ग्रामीण बाजार व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की संभावना है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और बिहार आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगा।

राज्य सरकार का दावा है कि ये योजनाएं न सिर्फ बिहार की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के किसान कल्याण और आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी जमीन पर उतारेंगी।

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