Thursday, January 29

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत या सोची-समझी साजिश? हनुमान बेनीवाल ने सरकार को घेरा

जोधपुर: पश्चिमी राजस्थान की चर्चित कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। बुधवार शाम उनका निधन हुआ, लेकिन रात में उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से ‘अग्नि परीक्षा’ जैसी पोस्ट आने से मामला और उलझ गया है।

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राजनीतिक प्रतिक्रिया:
आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने सीधे मुख्यमंत्री और राजस्थान पुलिस के डीजीपी से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, “जोधपुर के एक अस्पताल में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के समाचार अत्यंत दुःखद हैं। मुख्यमंत्री और डीजीपी तुरंत संज्ञान लें और मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाएं।”

डिजिटल सुसाइड नोट से उठे सवाल:
साध्वी का इंस्टाग्राम अकाउंट अस्पताल में निधन के चार घंटे बाद सक्रिय हुआ। अस्पताल के अनुसार, साध्वी का निधन शाम 5:30 बजे हो चुका था, लेकिन रात 9:28 बजे उनके अकाउंट से लंबी पोस्ट साझा की गई। पोस्ट में उन्होंने सनातन धर्म के लिए अपना जीवन समर्पित करने और ‘अग्नि परीक्षा’ का उल्लेख किया। अब सवाल उठ रहे हैं कि यदि साध्वी की मृत्यु शाम को हो गई थी, तो रात को पोस्ट किसने की? क्या इसे समयबद्ध (Scheduled) किया गया था या किसी और ने अपलोड किया?

अस्पताल के विवरण और जांच:
प्रेक्षा अस्पताल के डॉ. प्रवीण जैन के अनुसार, साध्वी के पिता उन्हें बुखार की शिकायत लेकर आए थे। आश्रम में नर्सिंग स्टाफ ने उन्हें इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। डॉक्टरों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन साध्वी को मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल ने एंबुलेंस की पेशकश की, लेकिन पिता ने शव को निजी वाहन से ले जाने का निर्णय लिया। एसीपी (वेस्ट) छवि शर्मा ने बताया कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत और इंस्टाग्राम पोस्ट के बीच समय अंतर ने मामले को रहस्यमय बना दिया है और प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।

 

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