
जयपुर: राजधानी जयपुर में ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या से निपटने के लिए जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (JDA) ने विशेष मास्टरप्लान तैयार किया है। बुधवार को JDA कमिश्नर सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में हुई ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में शहर की सूरत बदलने वाले कई अहम फैसले लिए गए।
पीक आवर्स में पार्किंग रेट बढ़ेंगे:
बोर्ड ने जयपुर नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में ‘स्पेशल पार्किंग पॉलिसी’ लागू की जाए। इसके तहत पीक आवर्स (जाम के समय) में पार्किंग दरों में बढ़ोतरी की जाएगी ताकि सड़क पर अनावश्यक वाहन खड़े होने की प्रवृत्ति कम हो। गौरव टावर (GT) सहित शहर की 84 चिन्हित जगहों पर बिल्डिंग मैप्स की गहन जांच की जाएगी। यदि किसी बिल्डिंग ने पार्किंग क्षेत्र का व्यावसायिक उपयोग किया, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सड़कों पर नहीं, खाली प्लॉटों में खड़ी होंगी प्राइवेट बसें:
ट्रैफिक जाम का बड़ा कारण बनने वाली प्राइवेट बसों के लिए भी समाधान निकाला गया है। JDA और JMC शहर में खाली पड़े प्लॉटों को बस पार्किंग के लिए चिन्हित करेंगे। लक्ष्य यह है कि सड़क पर कोई बस खड़ी न हो। साथ ही, कमर्शियल बिल्डिंग्स के पार्किंग एरिया से अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त अभियान चलाया जाएगा।
विशेषज्ञ तय करेंगे सड़कों का भविष्य:
जयपुर की सड़कों का विकास अब अव्यवस्थित तरीके से नहीं होगा। JDA ट्रैफिक एक्सपर्ट्स की सेवाएं लेगा और देश के अन्य महानगरों के सफल ट्रैफिक मॉडल का अध्ययन करेगा। महल रोड पर जाम को देखते हुए सांगानेर फ्लाईओवर के नीचे ‘यू-टर्न’ डिजाइन को भी हरी झंडी दी गई है।
मैरिज गार्डन और होटलों पर सख्ती:
मैरिज गार्डन्स के लिए कुल जमीन का 25% हिस्सा पार्किंग के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य होगा और इसका कोई अन्य उपयोग नहीं किया जा सकेगा। होटलों और मॉल का भी सर्वे किया जाएगा ताकि ग्राहकों की गाड़ियां सड़क पर न खड़ी हों, बल्कि बेसमेंट या निर्धारित पार्किंग एरिया में पार्क हों।
जयपुरवासियों के लिए यह कदम ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने के साथ शहर की ड्राइविंग आदतों में बड़ा बदलाव लाएगा।