
खरगोन: पहली से पांचवीं कक्षा के 200 से अधिक छात्र-छात्राएं अपने माता-पिता के साथ सरकारी स्कूल के गणित शिक्षक नटवर पाटीदार की बहाली की मांग लेकर 35 किलोमीटर पैदल मार्च पर निकल पड़े। यह अनोखा प्रदर्शन बुधवार को सरकारी सांदीपनि विद्यालय, सेगांव से शुरू होकर जिला मुख्यालय खरगोन की ओर बढ़ा।
बच्चों और अभिभावकों का कहना था कि नटवर पाटीदार ने अपनी मेहनत और समर्पण से स्कूल में छात्रों की संख्या 54 से बढ़ाकर 246 कर दी थी। हाल ही में शिक्षक को दसनावल गांव के एक प्राथमिक स्कूल में अटैच कर दिया गया, जिससे पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता पैदा हो गई।
मार्च के दौरान लाल टी-शर्ट और चेकदार स्कर्ट में सजे छोटे बच्चे अनुशासन के साथ आगे बढ़ते नजर आए। प्रशासन ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अडिग रहे। अभिभावक स्वाति अग्रवाल ने कहा, “हम कलेक्टर से मिलकर मेहनती और डेडिकेटेड शिक्षक को वापस लाने के लिए ही निकले हैं।”
तीन किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद डिप्टी कलेक्टर अनिल जैन और असिस्टेंट कमिश्नर इकबाल हुसैन आदिल ने मार्च को रोककर कलेक्टर भव्या मित्तल से फोन पर चर्चा की। इसके बाद कलेक्टर ने शिक्षक की शीघ्र बहाली का आश्वासन दिया। अभिभावकों ने ज्ञापन सौंपकर मार्च वापस ले लिया।
कलेक्टर भव्या मित्तल ने बताया कि स्कूल में दो शिक्षकों के बीच आंतरिक विवाद के कारण यह निर्णय लिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि नटवर पाटीदार पर किसी तरह का आरोप नहीं है और उनका शैक्षणिक रिकॉर्ड उत्कृष्ट है। कलेक्टर ने पुष्टि की कि शिक्षक को जल्द ही उसी स्कूल में बहाल किया जाएगा।