
पटना, 29 जनवरी 2026: बिहार की राजधानी पटना को पश्चिमी सीमा से जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी दानापुर-बिहटा-कोइलवर एलिवेटेड सड़क परियोजना अगले साल पूरी होने की संभावना है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बुधवार को जानकारी दी कि इस फोरलेन कॉरिडोर पर 2027 से गाड़ियां दौड़ने लगेंगी।
परियोजना का विवरण
एनएचएआई के अनुसार, यह 25 किलोमीटर लंबा दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड पटना-बक्सर परियोजना का अहम हिस्सा है और बिहार की पश्चिमी सीमा तक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग प्रदान करेगा। परियोजना की कुल लागत 1,969 करोड़ रुपये है और इसका निर्माण इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ‘सीगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ कर रही है।
काम की स्थिति और समयसीमा
एनएचएआई के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि अब तक इस परियोजना का 45 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष 55 प्रतिशत काम जून 2027 तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। पहले इस रोड को सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब समय सीमा बढ़ा दी गई है।
तकनीकी जांच और गुणवत्ता सुनिश्चित
अरविंद कुमार ने बताया कि संरचनात्मक मजबूती को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए सरकारी एजेंसी रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (RITES) की चार सदस्यीय टीम रोजाना तकनीकी ऑडिट कर रही है। इसके अलावा ठेकेदार ने भी आंतरिक ऑडिट एजेंसी नियुक्त की है, ताकि किसी भी तकनीकी कमी का त्वरित समाधान किया जा सके।
महत्व
इस रोड के बन जाने से दानापुर-बिहटा-कोइलवर मार्ग पर आवाजाही सुगम होगी और यात्रियों को समय और दूरी दोनों की बड़ी बचत होगी। यह परियोजना न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में सहायक होगी।