
बरेली। बरेली में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। आईवीआरआई में संविदा कर्मी जितेंद्र यादव (33) का शव उनके किराये के कमरे में फंदे पर लटका मिला। शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला माना गया था, लेकिन पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या (स्ट्रेंगुलेशन) की पुष्टि हुई। पुलिस ने पत्नी ज्योति यादव और उसके ससुराल वालों से पूछताछ शुरू कर दी है।
जितेंद्र और ज्योति का प्रेम संबंध करीब 9 साल पुराना था और दोनों ने 25 नवंबर 2025 को शादी की थी। शादी के बाद करीब 25 दिन पहले दोनों कैलाशपुरम कॉलोनी में किराये के मकान में रहने आए थे। मृतक जितेंद्र आईवीआरआई में ऑफिस सहायक के पद पर कार्यरत थे, जबकि ज्योति यूपी रोडवेज में कंडक्टर हैं।
मृतक के भाई अजय यादव ने पुलिस को शिकायत दी कि पत्नी और ससुराल वाले जितेंद्र पर मकान और कार अपने नाम कराने का दबाव बना रहे थे। इसके अलावा, उन्हें धमकी दी जाती थी कि अगर सहयोग नहीं किया तो परिवार को दहेज उत्पीड़न केस में फंसाया जाएगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि जितेंद्र का गला दबाकर हत्या की गई थी और शव को फंदे से लटकाया गया था। शव वेंटिलेटर से लटका मिला था, पैर स्टूल पर टिके थे और जीभ बाहर थी। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने कमरे और आसपास के लोगों से पूछताछ की है। साथ ही जितेंद्र और ज्योति के मोबाइल कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। अब मामला हत्या की धाराओं में दर्ज किया जाएगा और पुलिस अलग एंगल से जांच कर रही है।