
बीजिंग: चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) की सबसे रहस्यमय और खतरनाक मानी जाने वाली एयर‑टू‑एयर मिसाइल PL‑17 की पहली बार नजदीक से झलक सामने आई है। यह मिसाइल क्षमताओं और मारक दूरी के मामले में पहले से मौजूद PL‑15 मिसाइल से कहीं आगे बताई जा रही है।
हालांकि PL‑17 लंबे समय से चर्चा में रही है, लेकिन अब तक इसके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी। हाल ही में सामने आई एक तस्वीर में इस मिसाइल का फुल‑साइज़ मॉडल देखा गया है, जिसे चीन में किसी ट्रेड शो या सैन्य प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया माना जा रहा है। तस्वीर में पीछे J‑20 स्टील्थ फाइटर जेट से जुड़ा प्रमोशनल बोर्ड भी नजर आ रहा है।
PL‑17: लंबी दूरी का ‘हवाई शिकारी’
विशेषज्ञों के शुरुआती आकलन के अनुसार PL‑17 एक बेहद लंबी दूरी की एयर‑टू‑एयर मिसाइल है, जिसकी अनुमानित रेंज 400 किलोमीटर (करीब 250 मील) तक हो सकती है। इसकी लंबाई करीब 20 फीट बताई जा रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इसे पारंपरिक फाइटर जेट्स को नहीं, बल्कि एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS), एयर टैंकर और ग्राउंड मूविंग टारगेट इंडिकेटर (GMTI) जैसे हाई‑वैल्यू टारगेट्स को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, PL‑17 में डुअल‑पल्स रॉकेट मोटर, थ्रस्ट‑वेक्टरिंग नोजल और चार छोटे टेल फिन लगे हो सकते हैं। इसकी अधिकतम गति मैक‑4 के आसपास बताई जा रही है, हालांकि वास्तविक प्रदर्शन युद्ध परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
एडवांस गाइडेंस सिस्टम
PL‑17 में अत्याधुनिक गाइडेंस सिस्टम होने की संभावना जताई जा रही है। इसमें दो‑तरफा डेटा लिंक और AESA (एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे) सीकर का उपयोग होने की खबर है, जो इसे इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के प्रति अधिक प्रतिरोधी बनाता है। कुछ रिपोर्ट्स में पैसिव एंटी‑रेडिएशन सीकर की मौजूदगी का भी जिक्र किया गया है।
कौन‑से विमान से होगी तैनाती
अब तक PL‑17 को चीनी J‑16 फाइटर जेट के साथ देखा गया है। माना जा रहा है कि इसे J‑20 स्टील्थ फाइटर में भी इंटीग्रेट किया जा सकता है, हालांकि बाहरी हथियार के रूप में लगाए जाने पर J‑20 की स्टील्थ क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसकी लंबाई अधिक होने के कारण इसे J‑10C या J‑35 जैसे विमानों में फिट करना मुश्किल माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में चीन इस मिसाइल को अपनी छठी पीढ़ी के फाइटर जेट J‑36 के साथ इस्तेमाल करने की योजना बना सकता है, जिससे इसकी पूरी रेंज और क्षमता का लाभ उठाया जा सके।
पाकिस्तान को मिलने की संभावना बेहद कम
रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, PL‑17 के पाकिस्तान को निर्यात किए जाने की संभावना बेहद कम है। ऐसे में भारत‑पाकिस्तान मोर्चे पर इस मिसाइल के इस्तेमाल की आशंका फिलहाल नगण्य मानी जा रही है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए भारत को सतर्क रहना और अपनी वायु रक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत करना होगा।