
मैहर: गणतंत्र दिवस पर मैहर जिले के शासकीय हाई स्कूल भटिगंवा में नौनिहालों को मिड-डे मील सम्मानजनक थाली में नहीं बल्कि रद्दी कॉपी और किताबों के फटे पन्नों पर परोसा गया। स्याही लगे कागजों पर हलुआ-पूड़ी खाते बच्चों का वीडियो वायरल होते ही प्रदेश भर में हड़कंप मच गया।
कलेक्टर का सख्त एक्शन
मामले की गंभीरता को देखते हुए मैहर कलेक्टर रानी बाटड ने लापरवाही बरतने वालों पर कड़ा एक्शन लिया। स्कूल के प्रभारी प्राचार्य सुनील कुमार त्रिपाठी के निलंबन का प्रस्ताव कमिश्रर रीवा को भेज दिया गया है। इसके साथ ही संविदा कर्मचारी बीआरसी प्रदीप सिंह का एक माह का वेतन काटने के आदेश जारी किए गए हैं। जिला पंचायत की मध्यान्ह भोजन शाखा प्रभारी और डीपीसी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी कर जवाब तलब किया गया है।
जमीन पर बैठे बच्चे, रद्दी कागज पर भोजन
घटना का वीडियो विचलित करने वाला है। बच्चों ने जमीन पर बैठकर भोजन किया। उनके पास न तो थाली थी और न ही पत्तल। स्कूल प्रबंधन ने पुरानी कॉपियों और किताबों के पन्ने फाड़कर उन्हें बिछाया और उसी पर बच्चों को हलुआ और पूड़ी परोसा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि प्रिंटिंग स्याही में लेड और अन्य खतरनाक रसायन होते हैं, जो गर्म खाने के साथ शरीर में जाकर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
राजनीतिक तूल, कांग्रेस ने साधा निशाना
इस घटना ने राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि “सरकार रबड़ी-मलाई खा रही है और बच्चों की थाली भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।” एमपी कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से पोस्ट में लिखा गया कि “मध्य प्रदेश के मासूम कब तक सरकार की लापरवाही से शर्मिंदगी और अपमान झेलते रहेंगे? बच्चों को किताब-कॉपी के फटे पन्नों में भोजन परोसना विद्यादायिनी देवी का भी अपमान है।”
आगे की कार्रवाई
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे और सभी सुरक्षा एवं पोषण मानकों की समीक्षा की जाएगी।