
सिवान: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के पहले चरण में बुधवार को सिवान पहुंचे। यह यात्रा केवल विकास के तोहफों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका एक संदेश भी है। यह संदेश सीधे 2005 की यादों से जुड़ा हुआ है।
साल 2005 में जब नीतीश कुमार NDA के साथ पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आए थे, तब सिवान से राजद के बाहुबली सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे थे। नवंबर 2005 में बिहार पुलिस की एक विशेष टीम ने शहाबुद्दीन को दिल्ली से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय शहाबुद्दीन को बख्तरबंद गाड़ी में पटना लाया गया था। यह दृश्य उस समय के बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति और न्याय की ताकत का प्रतीक बन गया।
ओसामा शहाब की वर्तमान भूमिका:
अब दिवंगत शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब रघुनाथपुर सीट से राजद के विधायक हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने जिले में NDA के क्लीन स्वीप का सपना तोड़ते हुए अपनी जीत दर्ज की। जिले की आठ सीटों में से NDA ने सात सीटों पर जीत हासिल की, लेकिन रघुनाथपुर में ओसामा शहाब ने जीतकर दिवंगत बाहुबली के समर्थक वोटरों की ताकत दिखा दी।
समृद्धि यात्रा का संदेश:
नीतीश कुमार की सिवान यात्रा का संदेश स्पष्ट है। यह यह बताने और जताने के लिए है कि 2005 से पहले के ‘जंगलराज’ का दौर अब नहीं लौट सकता। विकास, न्याय और सुशासन ही महागठबंधन की राह में सबसे बड़े रोड़े को पार करने का ब्रह्मास्त्र हैं।
सिवान में विकास और योजनाओं के साथ नीतीश कुमार यह याद दिला रहे हैं कि कानून और न्याय का राज हर हाल में कायम रहेगा।