Wednesday, January 21

बिहार के सबसे बड़े बाहुबली की रात में गिरफ्तारी, लेडी दारोगा ने किया ऑपरेशन लीड, नीतीश कुमार की एंट्री के रास्ते खुले

 

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पटना: बिहार में 2005 का वह ऐतिहासिक दौर आज भी याद किया जाता है, जब सिवान से राजद के बाहुबली सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं थी। बिहार पुलिस कई वर्षों तक उनके खिलाफ कार्रवाई करने में असमर्थ रही, जबकि उस समय शहाबुद्दीन के खिलाफ 8 गैर-जमानती वारंट जारी थे।

 

अगस्त 2005 तक शहाबुद्दीन सार्वजनिक कार्यक्रमों में बेहिचक शामिल हो रहे थे। इस बीच चुनाव आयोग ने उनके खिलाफ कड़े निर्देश जारी किए और उन्हें जिले से बाहर रखने का आदेश दिया।

 

एसटीएफ और लेडी अफसर की भूमिका:

सितंबर 2005 में चर्चित आईपीएस राजविंदर सिंह भट्टी ने सिवान पुलिस की बागडोर संभाली। उन्होंने शहाबुद्दीन की गिरफ्तारी के लिए एक फुलप्रूफ ऑपरेशन तैयार किया। इस ऑपरेशन का नेतृत्व 1994 बैच की दारोगा गौरी कुमारी ने किया। ऑपरेशन पूरी तरह गोपनीय रखा गया और दिल्ली पुलिस की मदद से योजना को अंजाम दिया गया।

 

गिरफ्तारी की रात:

5 नवम्बर 2005 की रात, शहाबुद्दीन अपने सरकारी आवास पर मौजूद थे। गौरी कुमारी और उनकी टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया। उस समय सांसद लुंगी पहनकर बैठे थे। गिरफ्तारी वारंट दिखाए जाने पर शहाबुद्दीन सन्न रह गए। उन्हें बिना कपड़ा बदलने की अनुमति दिए पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां रातभर लुंगी में ही रहना पड़ा।

 

कोर्ट में पेशी और जेल शिफ्ट:

सुबह उन्हें दिल्ली की अदालत में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड मिलने पर 6 नवम्बर की रात पटना लाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर हेलीकॉप्टर से सिवान ले जाया गया। 7 नवम्बर को सिवान कोर्ट में पेशी हुई और न्यायिक हिरासत में भेजा गया। 8 नवम्बर 2005 को उन्हें सिवान जेल से भागलपुर केन्द्रीय कारा शिफ्ट किया गया।

 

राजनीतिक असर:

इस ऐतिहासिक गिरफ्तारी के 16 दिन बाद नीतीश कुमार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आए। इस घटना ने बिहार में कानून और राजनीति दोनों की दिशा बदल दी।

 

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