
कौशांबी (UP): उत्तर प्रदेश पुलिस की UPCOP एप का गलत इस्तेमाल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। कौशांबी जिले में पुलिस ने तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो यूपी कॉप एप के माध्यम से फरार या लापता युवतियों के नाम पर धन उगाही कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार, आरोपी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर परिवार से संपर्क करते और लापता बच्चों को बरामद कराने के बहाने मोटा भुगतान वसूलते थे। गिरोह एप से एफआईआर की जानकारी निकालकर पीड़ितों को भ्रमित करता और भरोसे में लेकर पैसे खाते में डालवाता।
कौशांबी पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि 24 दिसंबर 2025 को बनपुकरा गांव निवासी सुनील कुमार ने शिकायत दर्ज कराई। किसी ने खुद को एसओ बताकर उनकी लापता बेटी की बरामदगी के लिए 50 हजार रुपये मांगे और भरोसे में लेकर खाते में डालवाए। इसके बाद आरोपी मोबाइल बंद कर गायब हो गए।
साइबर थाना पुलिस की सक्रियता के बाद दीपेंद्र यादव, प्रदीप कुमार और अजय कुमार (झांसी निवासी) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे यूपी कॉप एप से एफआईआर डाउनलोड कर लापता बच्चों का विवरण निकालते और फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर परिवार से संपर्क करते। इसके अलावा, अश्लील वीडियो देखने के जुर्म का डर दिखाकर भी पीड़ितों से पैसे वसूलते थे।
पुलिस ने बताया कि इस गिरोह की शातिर प्रवृत्ति से साफ है कि सरकारी एप का गलत इस्तेमाल करने वाले अपराधियों पर नजर रखना कितना जरूरी है।