Wednesday, January 21

भारत ने रूस से घटाई तेल की खरीदारी, गुयाना से दो साल बाद लिया क्रूड

नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा रूस से तेल आयात पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने के बाद भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीदारी कम कर दी है और नए स्रोतों की ओर रुख किया है। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने दो साल बाद गुयाना से पहला शिपमेंट लिया है। इसके साथ ही जनवरी में सऊदी अरब से तेल आयात में लगभग एक तिहाई की बढ़ोतरी हुई है।

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रूस से आयात घटा
जनवरी के पहले पखवाड़े में रूस से भारत को रोजाना लगभग 11.79 लाख बैरल तेल प्राप्त हुआ, जो पिछले महीने की तुलना में लगभग 3% कम और 2025 के औसत से लगभग 30% कम है। रूस अब भी भारत का सबसे बड़ा क्रूड सप्लायर बना हुआ है।

गुयाना से इम्पोर्ट
केप्लर के ग्लोबल डेटा के अनुसार, जनवरी के पहले पखवाड़े में भारतीय रिफाइनरियों ने गुयाना से रोजाना 2.97 लाख बैरल तेल खरीदा। लंबे शिपिंग रूट के बावजूद गुयाना अब भारत के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन गया है।

अन्य देशों से आयात

  • इराक से तेल आयात 18% बढ़कर रोजाना 10.71 लाख बैरल हो गया।
  • सऊदी अरब से रोजाना 9.54 लाख बैरल तेल आयात हुआ, जो 36% अधिक है।
  • नाइजीरिया से तेल आपूर्ति लगभग दोगुनी होकर 3.05 लाख बैरल तक पहुंची।
  • अंगोला से आयात तीन गुना बढ़कर 1.95 लाख बैरल हुआ।
  • संयुक्त अरब अमीरात से आयात 40% घटकर 3.52 लाख बैरल रह गया।
  • अमेरिका से शिपमेंट लगभग स्थिर रहा, जो 3.49 लाख बैरल प्रति दिन था।

विश्लेषण:
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता और आयातक देश है। जनवरी में बढ़ती घरेलू मांग और अमेरिका की टैरिफ पाबंदी के चलते भारत ने रूस के अलावा सऊदी अरब, इराक, नाइजीरिया, अंगोला और गुयाना जैसे देशों से आयात बढ़ाया है। यह रणनीति भारत के लिए आपूर्ति विविधीकरण और तेल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 

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