
आज के दौर में हमारी लाइफस्टाइल और खानपान के चलते कोई भी बीमारी किसी को भी कभी भी प्रभावित कर सकती है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो ये गंभीर रूप ले सकती हैं और इलाज पर लाखों रुपये खर्च हो सकते हैं। इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बड़ी बीमारियों को शुरुआत में ही पकड़कर उनका इलाज शुरू किया जाए।
हर 365 दिन में 5 जरूरी ब्लड टेस्ट
मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड, मुंबई की लैब ऑपरेशन हेड, Dr. Moumita Misra के अनुसार, हर साल निम्नलिखित 5 ब्लड टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है:
- कम्प्लीट ब्लड काउंट (CBC)
यह टेस्ट आपके हीमोग्लोबिन, व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स की स्थिति बताता है। इसके जरिए एनीमिया, अंदरूनी सूजन, संक्रमण और कुछ ब्लड डिजीज की पहचान की जा सकती है, भले ही प्रारंभिक लक्षण न दिखें। - लिपिड प्रोफाइल
टोटल कोलेस्ट्रॉल, एचडीएल, एलडीएल और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर जानने के लिए लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूरी है। असंतुलन होने पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। साथ ही यह यूरीक एसिड का स्तर भी बता सकता है, जो गठिया का कारण बन सकता है। - फास्टिंग शुगर और HbA1c
भारत में डायबिटीज और हाई ब्लड शुगर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। फास्टिंग शुगर टेस्ट से खाली पेट शुगर का स्तर और HbA1c से पिछले 2-3 महीने का औसत शुगर लेवल पता चलता है। यह टेस्ट सभी उम्र के लोगों के लिए जरूरी है। - लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)
लिवर से जुड़ी समस्याओं जैसे फैटी लिवर, लिवर इंफेक्शन या दवाओं और शराब से होने वाले नुकसान की शुरुआती पहचान के लिए LFT टेस्ट महत्वपूर्ण है। - किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT)
किडनी की बीमारियों की शुरुआती अवस्था में लक्षण नहीं दिखते। KFT से क्रिएटिनिन, यूरिक एसिड, यूरिया और इलेक्ट्रोलाइट्स का स्तर पता चलता है, जो किडनी के स्वास्थ्य की जानकारी देता है। खासकर उन लोगों को यह टेस्ट जरूर करवाना चाहिए जिनके परिवार में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या किडनी रोग का इतिहास हो।
नोट: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी दवा या इलाज का विकल्प नहीं है। हमेशा किसी भी टेस्ट या इलाज से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।