
करौली: राजस्थान के करौली में हिंदू नव संवत्सर के अवसर पर निकाली गई बाइक रैली के दौरान हुई हिंसा और पथराव के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस प्रकरण में नामजद आरोपी अमीनुद्दीन खान की गिरफ्तारी के बाद अब उसके अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है। प्रशासन ने यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ स्पष्ट संदेश देने के उद्देश्य से उठाया है।
अंबेडकर सर्किल स्थित भवन पर की गई कार्रवाई
बुलडोजर की यह कार्रवाई करौली शहर के अंबेडकर सर्किल क्षेत्र में स्थित अमीनुद्दीन खान के भवन पर की गई। अमीनुद्दीन खान पूर्व नगर परिषद सभापति का पुत्र बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। एहतियातन पास के एक स्कूल में अवकाश घोषित किया गया, वहीं आसपास की दुकानों और भवनों को भी अस्थायी रूप से खाली कराया गया।
जांच में उजागर हुईं गंभीर अनियमितताएं
नगर परिषद करौली द्वारा कराई गई जांच में भवन निर्माण से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच के बाद संबंधित पट्टा और निर्माण स्वीकृति को विधिवत निरस्त कर दिया गया। पट्टा रद्द होने के पश्चात प्रशासन ने नियमानुसार अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की, जिसके तहत यह तोड़फोड़ की कार्रवाई अमल में लाई गई।
शहर में पुलिस छावनी जैसे हालात
कार्रवाई के दौरान करौली शहर को लगभग पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। मेला गेट, शिकारगंज सहित कई प्रमुख मार्गों को अस्थायी रूप से बंद किया गया। शहर के चौराहों, तिराहों और बाजार क्षेत्रों में करीब 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
मौके पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर हेमराज परिडवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुमना राम, उपखंड अधिकारी प्रेमराज मीणा, पुलिस उपाधीक्षक अनुज शुभम सहित कई थानों का पुलिस बल मौजूद रहा और पूरी कार्रवाई की निगरानी की गई।
प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हिंसा, अवैध निर्माण और सरकारी भूमि पर कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।