
लखनऊ। कोडीन युक्त कफ सिरप तस्करी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को जेल में बंद बर्खास्त सिपाही आलोक प्रताप सिंह की पत्नी उषा सिंह से कई घंटों तक गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान ईडी के हर सवाल पर उषा सिंह जवाब देने से बचती रहीं और अधिकतर मामलों में पति आलोक सिंह को ही जानकारी होने की बात कहती रहीं।
ईडी की पूछताछ का मुख्य केंद्र स्वास्तिका सिटी में बनी आलीशान कोठी रही, जो उषा सिंह के नाम पर दर्ज है। अधिकारियों ने जमीन की खरीद, निर्माण कार्य और करोड़ों रुपये के इंटीरियर पर हुए खर्च तथा उसकी फंडिंग के स्रोत को लेकर विस्तृत सवाल किए। हालांकि उषा सिंह ने इन सभी मामलों में जानकारी होने से इनकार करते हुए कहा कि इनका विवरण उनके पति आलोक सिंह को ही पता है।
पहले जेल में हो चुकी है आलोक सिंह से पूछताछ
ईडी के अधिकारियों ने बीते सप्ताह लखनऊ जिला जेल में बंद आलोक प्रताप सिंह से भी पूछताछ की थी। उस दौरान उनसे आय के स्रोत, बीते दस वर्षों में दाखिल किए गए आयकर रिटर्न और संपत्तियों को लेकर सवाल किए गए थे, लेकिन अधिकांश सवालों पर उन्होंने या तो चुप्पी साध ली या संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद ईडी ने उनकी पत्नी को समन जारी कर तलब किया।
होम लोन और मेडिकल फर्मों पर भी सवाल
ईडी ने उषा सिंह से कोठी के लिए किसी प्रकार के होम लोन के बारे में भी पूछताछ की, लेकिन उन्होंने इससे भी अनभिज्ञता जताई। इसके अलावा आलोक सिंह से जुड़ी दो मेडिकल फर्मों को लेकर भी सवाल किए गए, जिनके माध्यम से कोडीन कफ सिरप की तस्करी किए जाने की बात सामने आई है। इस पर भी उषा सिंह ने पति को ही पूरी जानकारी होने की बात कही।
मनोहर जायसवाल के खिलाफ NBW की तैयारी
उधर, आर्पिक फार्मा के संचालक मनोहर जायसवाल, उनकी पत्नी अर्चना और बेटी आकांक्षा तीन-तीन बार समन के बावजूद ईडी के सामने पेश नहीं हुए। 12, 13 और 14 जनवरी को भी उन्हें तलब किया गया था, लेकिन अनुपस्थित रहने पर अब ईडी तीनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी कराने की तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।