
जयपुर। आर्मी डे पर जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित शौर्य संध्या में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सुरक्षा को लेकर दो टूक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और जब तक आतंकवाद की मानसिकता खत्म नहीं होती, भारत का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी भी उपस्थित रहे।
सैन्य शक्ति के साथ राष्ट्रीय चरित्र का प्रदर्शन
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने केवल भारत की सैन्य क्षमता नहीं दिखाई, बल्कि इसके माध्यम से देश ने अपने राष्ट्रीय चरित्र और मूल्यों को भी दुनिया के सामने रखा। उन्होंने बताया कि अभियान में आतंकियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह सोच-समझकर और मानवीय मूल्यों का पालन करते हुए की गई।
इतिहास में साहस और संतुलन का प्रतीक बनेगा अभियान
रक्षा मंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को भारत के इतिहास में सिर्फ सैन्य कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जाएगा, बल्कि यह साहस, संयम और जिम्मेदारी का प्रतीक बनकर याद रहेगा। उन्होंने सैनिकों की सराहना करते हुए कहा कि सेना ने जिस साहस और अनुशासन का परिचय दिया, वह देश के लिए गर्व की बात है।
विश्व में अनिश्चितता के बीच मजबूत सेना की आवश्यकता
राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है और ऐसे हालात में किसी भी देश के अस्तित्व के लिए मजबूत और आधुनिक सेना का होना पहले से अधिक जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक अपनी सेना को दुनिया की सबसे सशक्त सेनाओं में शामिल करने के लक्ष्य पर अग्रसर है और भारतीय सेना वैश्विक स्तर पर शांति दूत की भूमिका निभा रही है।