
जयपुर। राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और प्रशासन दोनों से सतर्क रहने की अपील की है।
गहलोत ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि SIR के तहत मतदाता सूची में नाम हटवाने के लिए आपत्ति दर्ज कराने की आज आखिरी तारीख है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के कई हिस्सों से ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं, जहां अज्ञात लोगों द्वारा बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए फॉर्म 7 जमा कराए गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं और बूथ लेवल अध्यक्षों से आग्रह किया कि वे पूरी मुस्तैदी से इस प्रक्रिया पर नजर रखें और सुनिश्चित करें कि किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से न हटे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से भी संविधान के अनुरूप कार्य करने की अपील की।
बीजेपी पर गंभीर आरोप और प्रशासन को चेतावनी
गहलोत ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां भाजपा की बौखलाहट को दर्शाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी गैरकानूनी कार्य करता है, तो उसे भविष्य में कानून का सामना करना पड़ेगा।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि भाजपा ने रातों-रात हजारों फॉर्म जमा कराकर SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी की। डोटासरा ने कहा कि 14 जनवरी को फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए हर एसडीओ स्तर पर बड़े पैमाने पर नाम जोड़ने और हटाने के फॉर्म भरे गए, जिनमें कई जगह मोबाइल नंबर तक दर्ज नहीं हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इन फॉर्म्स पर किसी भी बीएलओ के हस्ताक्षर नहीं हैं, जबकि नियमों के अनुसार बीएलओ और बीएलए एक दिन में अधिकतम 10 फॉर्म ही जमा कर सकते हैं और इसकी पूरी जानकारी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दर्ज करनी होती है। डोटासरा ने सवाल उठाया कि भाजपा ने हजारों फॉर्म किस नियम के तहत जमा कराए।