
काराकास: लंबे समय तक सैन्य घेराबंदी के बाद अमेरिकी सेना ने आखिरकार वेनेजुएला पर हमला कर दिया है। शनिवार सुबह राजधानी काराकास में तेज धमाके सुने गए। वेनेजुएला की सरकार ने हमलों की पुष्टि करते हुए देशभर में आपातकाल लागू कर दिया और राष्ट्रीय डिफेंस प्लान एक्टिवेट करने का आदेश दिया।
सरकार ने हमलों के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया और इसे सत्ता परिवर्तन के लिए साम्राज्यवादी हमला बताया। फॉक्स न्यूज के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने भी वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है।
ट्रंप ने पहले ही दी थी मंजूरी
CBS न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऑपरेशन शुरू होने से कई दिन पहले ही अमेरिकी सेना को जमीनी हमले के लिए हरी झंडी दे दी थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, पहले क्रिसमस के दिन मिशन पर चर्चा हुई थी, लेकिन नाइजरिया में ISIS ठिकानों पर हवाई हमलों को प्राथमिकता दी गई। बाद में मौसम के अनुकूल होने पर हमला अंजाम दिया गया।
काराकास में कई जगह धमाके
रिपोर्टों में बताया गया कि काराकास में कई जगहों पर एक साथ धमाके हुए। इनमें मिलिट्री एयरफील्ड ला कार्लोटा और मुख्य मिलिट्री बेस फुएर्टे ट्यूना शामिल हैं। दोनों जगहों पर हुए धमाकों के वीडियो भी सामने आए हैं।
मादुरो का डिफेंस प्लान
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा कि अमेरिकी हमलों का उद्देश्य देश के रणनीतिक संसाधनों, खासकर तेल और खनिजों पर कब्जा करना और राजनीतिक आजादी को समाप्त करना है। उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर सामाजिक और राजनीतिक ताकतों के साथ देश की रक्षा करने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति मादुरो ने सभी राष्ट्रीय रक्षा योजनाओं को लागू करने का आदेश दिया और कहा कि वे देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तैयारी में हैं।