
कैनबरा: ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पश्चिमी इलाके में वैज्ञानिकों ने दुनिया के सबसे बड़े लौह अयस्क भंडार का पता लगाया है। हैमर्सले बेसिन में की गई इस खोज में लगभग 55 अरब मीट्रिक टन लौह अयस्क मौजूद है। मौजूदा बाजार मूल्य के आधार पर इसका अनुमानित कुल मूल्य 5.7 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है।
जियोलॉजिकल स्टडी में यह भी सामने आया है कि ये अयस्क भंडार 1.4 से 1.1 अरब साल पहले बने थे, जो पहले के अनुमानों (2.2 से 2.0 अरब साल) से काफी अलग है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि भले ही इसका वैज्ञानिक महत्व सबसे बड़ा है, लेकिन व्यावसायिक दृष्टि से भी यह ऑस्ट्रेलिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
ऑस्ट्रेलिया का लौह अयस्क में वैश्विक दबदबा
ऑस्ट्रेलिया पहले से ही लौह अयस्क निर्यात में दुनिया का अग्रणी देश है। जियोसाइंस ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, 2022 में देश ने दुनिया के 35% से अधिक लौह अयस्क की आपूर्ति अकेले की थी। हैमर्सले बेसिन में यह नई खोज निर्यात क्षमता को और बढ़ा सकती है।
कर्टिन यूनिवर्सिटी और अन्य सहयोगी संस्थानों ने प्रेस रिलीज में कहा कि यह खोज भविष्य की मिनरल एक्सप्लोरेशन रणनीतियों के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है और अन्य क्षेत्रों में इसी तरह के डिपॉजिट की पहचान में मदद कर सकती है। इस रिसर्च को ऑस्ट्रेलियन रिसर्च काउंसिल, BHP, रियो टिंटो, फोर्टेस्क्यू मेटल्स ग्रुप और MRIWA द्वारा फंड किया गया।
विशेष जानकारी:
खोज का स्थान: हैमर्सले बेसिन, उत्तर-पश्चिम ऑस्ट्रेलिया
अयस्क का अनुमानित आकार: 55 अरब मीट्रिक टन
अनुमानित बाजार मूल्य: 5.7 ट्रिलियन डॉलर से अधिक
उम्र: 1.4 – 1.1 अरब साल
यह खोज ऑस्ट्रेलिया के खनिज भंडार और वैश्विक लौह अयस्क बाजार में नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।