Saturday, January 3

सिर्फ 6 महीनों में 18 बैंकों में 34 लाख रुपये के नकली नोट, दिल्ली पुलिस ने दर्ज किए केस

 

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नई दिल्ली: देश में नकली नोटों का चलन लगातार बढ़ रहा है और अब ये नोट सीधे बैंकों तक पहुंचने लगे हैं। दिल्ली पुलिस के पास प्राप्त शिकायतों के मुताबिक, सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के कुल 18 बैंकों ने 11,000 नकली नोटों के मामले दर्ज कराए हैं, जिनकी कुल कीमत 34 लाख रुपये है।

 

मामला 1 जनवरी से 30 जून 2025 के बीच बैंकों में पाए गए नकली नोटों का है, जबकि पुलिस ने केस 31 दिसंबर 2025 को दर्ज किया।

 

बैंकों में पाए गए नकली नोट:

 

एक प्राइवेट बैंक ने 4,000 से ज्यादा नकली नोट पकड़े, जिनकी कीमत लगभग 16 लाख रुपये थी।

एक अन्य बैंक ने 3,274 नकली नोट बरामद किए, जिनकी कुल कीमत 5.9 लाख रुपये थी।

तीसरे बैंक ने 782 नकली नोटों का पता लगाया, जिनकी कीमत 2.9 लाख रुपये थी।

 

कैसे सामने आया मामला:

बैंकों ने बताया कि रूटीन वेरिफिकेशन के दौरान नोटों की क्वालिटी, सिक्योरिटी स्ट्रिप और वॉटरमार्क की जांच में गड़बड़ी देखी गई। इसके बाद नोटों को फोरेंसिक लैब भेजकर असली और नकली की पुष्टि की गई। इस संबंध में BNS की धारा 180 के तहत मामला दर्ज किया गया।

 

जांच में बड़ी चुनौती:

एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि नकली नोटों को इतनी सावधानी से छिपाकर रखा गया था कि बैंकों में जमा होने के बाद उनका पता लगाना मुश्किल था। असली नोटों के बीच छिपाकर नकली नोटों को सर्कुलेट किया गया, जिससे उन्हें ट्रेस करना चुनौतीपूर्ण बन गया।

 

अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान अधिकांश लोगों ने दावा किया कि उन्हें यह नहीं पता था कि उनके पास नकली नोट कैसे आए। कई मामलों में मुख्य नेटवर्क तक सीधे पहुँच स्थापित करना भी संभव नहीं हो सका।

 

दिल्ली पुलिस इस ऑपरेशन को पूरी तरह समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इसके साथ ही RBI की गाइडलाइंस के अनुसार बैंक साल में दो बार नकली नोटों की रिपोर्ट करते हैं, ताकि इस तरह के मामलों पर निगरानी बनी रहे।

 

 

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