
नई दिल्ली: पाकिस्तान और चीन की ओर से होने वाली घुसपैठ और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए भारत ने एक बड़ी तकनीकी छलांग लगाई है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने सीमा और संवेदनशील रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए एक अत्याधुनिक परिधि निगरानी प्रणाली विकसित की है, जिसका नाम Surveillance Using Multilayer Intelligent Tracking, Response and Analysis (SUMITRA) रखा गया है। इसे ‘स्काईडॉक सुमित्रा’ भी कहा जा रहा है।
यह प्रणाली दुश्मन की आंखों में धूल झोंककर काम करने वाली एक तरह की ‘उड़नछू’ तकनीक है, जो घुसपैठियों का पता लगाकर उन्हें बचने का मौका नहीं देगी।
ड्रोन को फौरन चार्ज, निगरानी लगातार
सुमित्रा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह वायरलेस फास्ट चार्जिंग स्टेशन के रूप में काम करता है। इससे सीमा पर तैनात ड्रोन बैटरी खत्म होने के बावजूद तुरंत चार्ज होकर दोबारा मिशन पर लौट सकते हैं। अब दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में ड्रोन की सीमित उड़ान अवधि बड़ी समस्या नहीं रहेगी।
घुसपैठियों की पहचान और त्वरित कार्रवाई
इस प्रणाली में कई अत्याधुनिक सेंसर लगाए गए हैं, जो संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाते हैं। सेंसर से मिलने वाला डेटा कंट्रोल सेंटर तक पहुंचता है, जहां से हाई पेलोड मल्टी-कॉप्टर UAV को तुरंत लॉन्च किया जाता है। ड्रोन घुसपैठियों के ऊपर मंडराकर उनकी सटीक लोकेशन बताता है, जिससे क्विक रिएक्शन टीम (QRT) तत्काल कार्रवाई कर सके।
झाड़ी, बंकर या अंधेरा—कोई नहीं बचेगा
सुमित्रा की AI-आधारित तकनीक इतनी सक्षम है कि झाड़ियों, बंकरों या छिपने की किसी भी जगह में मौजूद घुसपैठियों को भी ट्रैक कर सकती है। यह सिस्टम अपने ही सुरक्षाकर्मियों और घुसपैठियों के बीच स्पष्ट अंतर कर लेता है, जिससे किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं रहती।
स्वदेशी तकनीक, विदेशी निर्भरता खत्म
DRDO और सागर डिफेंस इंजीनियरिंग द्वारा संयुक्त रूप से विकसित यह प्रणाली पूरी तरह स्वदेशी है। इससे विदेशी तकनीक पर निर्भरता खत्म होगी और भारत के महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठानों की गोपनीयता और सुरक्षा और मजबूत होगी। इसमें हवाई खतरों की पहचान के लिए इनबिल्ट एयर थ्रेट डिटेक्शन सिस्टम भी मौजूद है।
तकनीकी क्षमता
रेंज: 5 किलोमीटर
अधिकतम ऊंचाई: 300 मीटर
उड़ान अवधि: 30 मिनट
हाई पेलोड क्षमता के साथ सामान ले जाकर निर्धारित स्थान पर छोड़ने में सक्षम
फिलहाल सुमित्रा को कर्नाटक के चित्रदुर्ग स्थित वैमानिकी परीक्षण रेंज में स्थापित किया गया है।
सीमा सुरक्षा में नया अध्याय
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्काईडॉक सुमित्रा भारत की सीमा सुरक्षा को एक नई ऊंचाई देगा और पाकिस्तान की ओर से होने वाली घुसपैठ की कोशिशों को पहले ही नाकाम कर देगा।