Thursday, January 1

भारत की दोहरी कामयाबी: चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था और ब्रिक्स की अध्यक्षता

 

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नई दिल्ली: नए साल 2026 की शुरुआत भारत के लिए दोहरी बड़ी कामयाबी के साथ हुई है। एक तरफ भारत जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, वहीं दूसरी ओर उसे ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता मिल गई है।

 

ब्रिक्स और वैश्विक रणनीति:

 

भारत अब ब्रिक्स समूह का नेतृत्व करेगा, जिसमें रूस और चीन भी शामिल हैं।

ब्रिक्स देशों का वैश्विक GDP में योगदान लगभग 29 प्रतिशत है।

भारत ने ब्रिक्स देशों को अमेरिकी डॉलर की बजाय भारतीय रुपये में 100% व्यापार करने की मंजूरी दी, जिससे वैश्विक वित्तीय प्रणाली में डॉलर के प्रभुत्व को चुनौती मिल सकती है।

रूस-चीन-भारत वैकल्पिक भुगतान प्रणाली की योजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

 

भारत और अमेरिका:

 

बीते साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ और नीतियों के कारण भारत अमेरिका से कुछ दूर चला गया था।

नए साल में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत-अमेरिका संबंध किस दिशा में बढ़ेंगे।

 

भारत का वैश्विक आर्थिक पद:

 

अब दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में क्रम: अमेरिका (1), चीन (2), जर्मनी (3), भारत (4), जापान (5)।

आने वाले वर्षों में भारत जर्मनी को पीछे छोड़ तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

चीन और रूस के पास विश्व स्वर्ण भंडार का 14% से अधिक हिस्सा है, जबकि भारत के पास भी स्वर्ण भंडार में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

 

तेल और ऊर्जा सुरक्षा:

 

भारत ने रूस से कच्चे तेल के आयात में स्थिरता बनाए रखी है।

नवंबर 2025 में भारत ने रूस से प्रति दिन 1.77 मिलियन बैरल तेल प्राप्त किया, जो अक्टूबर की तुलना में 3.4% अधिक है।

भारत अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा क्रूड ऑयल इंपोर्टर बन चुका है।

 

निष्कर्ष:

साल 2026 के शुरुआती दिन ही भारत ने यह दिखा दिया कि वह वैश्विक आर्थिक ताकत, ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीतिक नेतृत्व के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है।

 

 

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