Thursday, May 14

This slideshow requires JavaScript.

यूपी बीजेपी को मिला नया नेतृत्व, पंकज चौधरी ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए भरा नामांकन

उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के 18वें प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर शनिवार को विराम लग गया। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री एवं महाराजगंज से सात बार के सांसद पंकज चौधरी ने प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए औपचारिक रूप से अपना नामांकन दाखिल कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का प्रस्तावक बनना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर मुहर लगा दी है।

This slideshow requires JavaScript.

शनिवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लखनऊ स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई। दिल्ली से सुबह लखनऊ पहुंचे पंकज चौधरी सीधे पार्टी मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े तथा संगठन चुनाव प्रभारी डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

सर्वसम्मति से चयन का संकेत
नामांकन प्रक्रिया में मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की सक्रिय उपस्थिति तथा केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विनोद तावड़े की मौजूदगी को पंकज चौधरी के निर्विरोध चयन का मजबूत संकेत माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं पर अब विराम लग चुका है।

ओबीसी नेतृत्व से सामाजिक संतुलन का संदेश
कुर्मी समुदाय से आने वाले पंकज चौधरी ओबीसी वर्ग के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने से भाजपा ने संगठन और सत्ता के बीच सामाजिक संतुलन साधने का संदेश दिया है। एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार है, वहीं संगठन की जिम्मेदारी ओबीसी चेहरे को सौंपकर पार्टी ने अपने सामाजिक आधार को और मजबूत करने की रणनीति अपनाई है। इसे समाजवादी पार्टी के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण की काट के रूप में भी देखा जा रहा है।

पूर्वांचल पर विशेष फोकस
पंकज चौधरी का मजबूत राजनीतिक आधार पूर्वांचल क्षेत्र में माना जाता है। आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को देखते हुए यह क्षेत्र भाजपा के लिए बेहद अहम है। लोकसभा चुनाव 2024 में पूर्वांचल की कई सीटों पर पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी। ऐसे में पंकज चौधरी के नेतृत्व में भाजपा पूर्वांचल में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की रणनीति पर काम करेगी।

14 दिसंबर को औपचारिक ऐलान
संगठन चुनाव प्रभारी डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय के अनुसार नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 14 दिसंबर को नए प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की जाएगी। चूंकि इस पद के लिए केवल पंकज चौधरी ने ही नामांकन किया है, इसलिए उनका निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है।

पंकज चौधरी की ताजपोशी के साथ ही प्रदेश भाजपा में एक नए संगठनात्मक दौर की शुरुआत मानी जा रही है। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती 2027 के विधानसभा चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को मजबूती प्रदान करना और विपक्ष को सीधी चुनौती देना होगी।

Leave a Reply