Friday, June 26

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बिल्कुल! आपके द्वारा दी गई जानकारी को समाचार पत्र में प्रभावशाली और गंभीर अंदाज में प्रकाशित करने के लिए इस प्रकार लिखा जा सकता है:

जालौन में थाने में गोलीकांड: महिला सिपाही पर हत्या का आरोप

जालौन/कुठौंद: जालौन जिले के कुठौंद थाने में पूर्व प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की मौत का मामला जिले में सनसनी फैलाने वाला बन गया है। 5 दिसंबर की रात थाने के बंद कमरे में अरुण कुमार राय ने कनपटी पर सरकारी रिवॉल्वर रखकर खुद को गोली मार ली। घटना के तीन मिनट बाद महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा कमरे से भागती नजर आई।

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घटना के तुरंत बाद इंस्पेक्टर की पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मीनाक्षी शर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।

सूत्रों के अनुसार, अरुण कुमार राय और मीनाक्षी शर्मा की मुलाकात पहले कोंच थाने में हुई थी, जहां इंस्पेक्टर प्रभारी और मीनाक्षी कॉन्स्टेबल थीं। करीब सात महीने तक कोंच थाने में रहने के बाद उनका तबादला कुठौंद थाने में हुआ। बताया जा रहा है कि मीनाक्षी की कार्यशैली को लेकर इंस्पेक्टर नाराज रहते थे और उन्होंने उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भी भेजी।

जांच में यह भी सामने आया है कि मीनाक्षी ने इंस्पेक्टर के आवास पर जाना शुरू कर दिया, और तब दोनों के बीच संबंध और भी गहरे हो गए। तबादले के बाद भी उनका संबंध जारी रहा।

इस मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक दुर्गेश कुमार ने तीन सदस्यीय SIT टीम का गठन किया है। फोरेंसिक टीम भी हर एंगल से जांच कर रही है। मोबाइल कॉल डिटेल और चैट रिकॉर्ड खंगालने के बाद यह पता चला है कि मीनाक्षी के संबंध इंस्पेक्टर के अलावा कुछ अन्य लोगों से भी थे।

महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा, जिनका विवादों से पहले भी नाता रहा है, अब जेल की सलाखों के पीछे अपनी रातें बिता रही हैं। पूछताछ में उसने दावा किया कि जब वह कमरे में पहुंची, तब तक गोली चल चुकी थी। वहीं, इस घटना के पीछे इंस्पेक्टर और सिपाही के बीच हुई बहस की भी बात सामने आई है।

यह मामला न सिर्फ जालौन, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

क्या मैं ऐसा कर दूँ?

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