Thursday, April 9

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इंडिया-ईयू एफटीए: गणतंत्र दिवस पर यूरोप के 27 देशों को साधने भारत का मास्टर प्लान
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इंडिया-ईयू एफटीए: गणतंत्र दिवस पर यूरोप के 27 देशों को साधने भारत का मास्टर प्लान

नई दिल्ली: इस गणतंत्र दिवस पर भारत ने वैश्विक राजनीति में एक मास्टरस्ट्रोक खेलने की तैयारी कर ली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अनिश्चित और घमंडी हरकतों को ध्यान में रखते हुए भारत ने यूरोपीय संघ (EU) के पूरे 27 देशों के साथ नजदीकी बढ़ाने का प्लान बनाया है। मोदी सरकार ने यूरोपीय संघ के दो दिग्गज नेताओं—उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष, और एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष—को गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। यह कदम अमेरिका के विकल्प के रूप में यूरोप को एक मजबूत व्यापारिक और राजनीतिक साझेदार के रूप में स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। भारत और यूरोप के बीच लंबे समय से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत चल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस यात्रा के दौरान ही संभव है कि FTA पर साइनिंग हो जाए। यदि ऐसा होता है, तो अमेर...
बेबी अरिहा शाह का मामला: पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर मर्ज से उठाया विशेष मुद्दा
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बेबी अरिहा शाह का मामला: पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर मर्ज से उठाया विशेष मुद्दा

नई दिल्ली: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेबी अरिहा शाह का मामला भी उठाया। इस चर्चा के पीछे उद्देश्य बच्ची की परवरिश को भारतीय सांस्कृतिक और पारिवारिक माहौल में बनाए रखने की कोशिश है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पूरी जानकारी साझा की।   बेबी अरिहा शाह कौन हैं? अरिहा शाह एक भारतीय बच्ची हैं, जो वर्तमान में जर्मनी के फॉस्टर केयर में रह रही हैं। अरिहा का जन्म 23 सितंबर 2021 को जर्मनी में हुआ। बच्ची सात महीने की थी जब उसे चोट लगी, जिसके बाद जर्मन चाइल्ड प्रोटेक्शन एजेंसी ‘यूगेंडम्ट’ ने उसे माता-पिता से अलग कर अपनी कस्टडी में ले लिया। अरिहा के माता-पिता धरा शाह और भावेश शाह गुजरात के निवासी हैं। 2018 में बेहतर नौकरी के लिए वे जर्मनी चले गए थे। चोट लगने के बाद अस्पताल ने यौन शोषण की आशंका जताई, जिसके बाद जर्मन एजेंसी ने बच्ची को फॉस्टर ...
‘हमदर्दी कानून से ऊपर नहीं’ : सुप्रीम कोर्ट ने पलटा सरकारी नौकरी पर हाईकोर्ट का आदेश
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‘हमदर्दी कानून से ऊपर नहीं’ : सुप्रीम कोर्ट ने पलटा सरकारी नौकरी पर हाईकोर्ट का आदेश

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरी में आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने वाले युवक को राहत देने से मना कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सहानुभूति कानून किसी भी तरह से नियम और कानून की जगह नहीं ले सकता। युवक को अपनी सरकारी नौकरी गंवानी पड़ेगी, क्योंकि उसने भर्ती के समय अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाई थी।   सुप्रीम कोर्ट का आदेश जस्टिस संजय करोल और एन.के. सिंह की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा, "कानून भले ही कठोर हो, लेकिन कानून तो कानून है।" अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें कहा गया था कि जानकारी छिपाना मामूली बात है और इस आधार पर नियुक्ति रद्द नहीं की जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकारी नौकरी पाने के लिए आवेदन में पूरी और सही जानकारी देना केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि निष्पक्षता, ईमानदारी और जनता के भरोसे की बुनियाद...
भारत-जर्मनी सहयोग: 19 अहम समझौतों पर मुहर, रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार में नए अवसर
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भारत-जर्मनी सहयोग: 19 अहम समझौतों पर मुहर, रक्षा, टेक्नोलॉजी और व्यापार में नए अवसर

  नई दिल्ली / गुजरात: अमेरिकी टैरिफ के बाद भारत ने दूसरे देशों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी क्रम में जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में दोनों देशों के बीच 19 अहम समझौतों और 8 घोषणाओं पर सहमति बनी।   प्रधानमंत्री और जर्मन चांसलर की मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि रक्षा और सुरक्षा में बढ़ता सहयोग हमारे आपसी विश्वास और साझा दृष्टिकोण का प्रतीक है। दोनों देश अब रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के लिए योजना पर काम करेंगे, जिससे सह-विकास और सह-उत्पादन के नए अवसर खुलेंगे। विशेष बात यह है कि अब भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए जर्मनी के माध्यम से वीजा-फ्री ट्रांजिट की सुविधा उपलब्ध होगी।   मुख्य क्षेत्रों में समझौते और घोषणाएं द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को...
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इंडिगो क्राइसिस: 10 करोड़ की पेनल्टी की संभावना, 66 पेज की रिपोर्ट टेबल पर

नई दिल्ली: पिछले साल दिसंबर के पहले सप्ताह में हजारों इंडिगो फ्लाइटों के कैंसिल और डिले होने के मामले में नागर विमानन मंत्रालय में बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। डीजीसीए (DGCA) की 66 पेज की कान्फिडेंशियल जांच रिपोर्ट अब मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा की टेबल तक पहुंच गई है।   क्या है रिपोर्ट में रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो क्राइसिस का कोई भी मामला ऐसा नहीं है, जिसमें कंपनी ने जानबूझकर फ्लाइट संचालन में गड़बड़ी की हो। क्राइसिस के कई कारण बताए गए हैं: इंडिगो का ड्यूटी रोस्टर गड़बड़ाना। 1 नवंबर से लागू एफडीटीएल (Flight Duty Time Limit) नियमों के तहत 65 कैप्टन की कमी। मौसम और अन्य परिचालन कारण।   कंपनी और अधिकारियों पर एक्शन सूत्रों का कहना है कि इस मामले में इंडिगो पर 10 करोड़ रुपये तक की पेनल्टी लग सकती है। कुछ मामलों में यह एक करोड़ से अधिक की प...
गलवान के बाद बदलते रिश्ते: बीजेपी-आरएसएस नेताओं से मिली चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी
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गलवान के बाद बदलते रिश्ते: बीजेपी-आरएसएस नेताओं से मिली चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी

नई दिल्ली: गलवान घाटी की घटना के बाद भारत-चीन संबंधों में आई खटास को दूर करने के प्रयासों के तहत, चीन की सत्ताधारी चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को भारत आया। सबसे पहले यह प्रतिनिधिमंडल बीजेपी मुख्यालय गया और उसके बाद दिल्ली स्थित आरएसएस मुख्यालय में पहुंचा। इस मुलाकात का समय और स्वरूप दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और राजनीतिक बातचीत की दिशा को दर्शाता है।   बीजेपी नेताओं से CPC प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात बीजेपी मुख्यालय में प्रतिनिधिमंडल का स्वागत पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं ने किया। बैठक में चर्चा का मुख्य विषय बीजेपी और CPC के बीच संवाद और बातचीत को कैसे बढ़ाया जाए रहा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में भारत में चीन के राजदूत शू फेहॉन्ग भी शामिल थे। बीजेपी महासचिव अरुण सिंह ने बैठक के बाद कहा, “हमने CPC के साथ अंतर-पार्टी संवाद और सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विस्ता...
बहस और असहमति स्वस्थ लोकतंत्र का हिस्सा: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने JNU में दी अहम सीख
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बहस और असहमति स्वस्थ लोकतंत्र का हिस्सा: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने JNU में दी अहम सीख

नई दिल्ली: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के नौवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वाद-विवाद, चर्चा, असहमति और यहां तक कि टकराव भी एक स्वस्थ लोकतंत्र के आवश्यक तत्व हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी प्रक्रियाओं का अंततः निष्कर्ष पर पहुंचना और उसके कार्यान्वयन में सहयोग करना जरूरी है।   जेएनयू में उपराष्ट्रपति की प्रमुख बातें राधाकृष्णन ने स्नातक छात्रों से अपने ज्ञान और कौशल को राष्ट्र सेवा में समर्पित करने का आग्रह किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के उपदेशों को याद करते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि चरित्र निर्माण, बौद्धिक क्षमता और व्यक्तियों के सशक्तिकरण पर भी जोर देना चाहिए। उपनिषदों, भगवद् गीता, कौटिल्य के अर्थशास्त्र और तिरुवल्लुवर के तिरुक्कुरल का उदाहरण देते हुए राधाकृष्णन ने क...
पहली नहीं, दूसरी बार फेल हुआ PSLV से सैटेलाइट लॉन्च मिशन, जानें क्या हुई तकनीकी गड़बड़ी
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पहली नहीं, दूसरी बार फेल हुआ PSLV से सैटेलाइट लॉन्च मिशन, जानें क्या हुई तकनीकी गड़बड़ी

नई दिल्ली: इसरो का PSLV-C62 मिशन सोमवार को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह 10:18 बजे लॉन्च हुआ, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण यह असफल हो गया। यह लगातार दूसरी बार है जब PSLV रॉकेट से सैटेलाइट लॉन्च मिशन फेल हुआ है।   PSLV-C62 मिशन का महत्व यह PSLV रॉकेट की 64वीं उड़ान और PSLV-डीएल वैरियंट की पांचवीं उड़ान थी। मिशन के तहत: भारत का DRDO सैटेलाइट EOS-N1 (Anvesha) भारत और विदेशों के स्टार्टअप व शैक्षणिक संस्थानों द्वारा विकसित 14 अन्य को-पैसेंजर सैटेलाइट री-एंट्री कैप्सूल का परीक्षण को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया जाना था। इस मिशन का उद्देश्य भारत की सैन्य और वैज्ञानिक क्षमताओं को अंतरिक्ष में बढ़ाना और अंतरिक्ष में नई तकनीकों का परीक्षण करना था।   तकनीकी गड़बड़ी कैसे हुई इसरो के अनुसार, PSLV एक चार-चरणों वाला रॉकेट है, जिसमें दो ठोस और दो तरल ई...
9 महीनों में दूसरी बार फेल हुआ PSLV-सी62 मिशन, तीसरे चरण में खराबी से 16 सैटेलाइट प्रभावित
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9 महीनों में दूसरी बार फेल हुआ PSLV-सी62 मिशन, तीसरे चरण में खराबी से 16 सैटेलाइट प्रभावित

नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का पीएसएलवी-सी62 मिशन सोमवार को असफल रहा। रॉकेट के तीसरे चरण में तकनीकी गड़बड़ी के कारण 16 उपग्रहों को कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका, जिसमें DRDO का मुख्य सैटेलाइट EOS-N1 (Anvesha) भी शामिल था। यह 9 महीनों में PSLV की दूसरी असफलता है, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।   तीसरे चरण में तकनीकी समस्या इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन ने बताया कि रॉकेट ने पहले तीन चरणों तक पूरी तरह सही प्रदर्शन किया। लेकिन तीसरे चरण के अंत में रॉकेट की उड़ान में हल्का बदलाव आया और इसका रास्ता बदल गया, जिससे मिशन विफल हो गया। वैज्ञानिक टीम सभी ग्राउंड स्टेशनों से प्राप्त आंकड़ों का अध्ययन कर रही है। PSLV एक चार-चरणों वाला रॉकेट है: पहला चरण – ठोस ईंधन दूसरा चरण – तरल ईंधन तीसरा चरण – ठोस ईंधन चौथा चरण – तरल ईंधन   महत्वपूर्...
Oil Vs Tariff: रूस से तेल आयात पर अमेरिका ने बढ़ाया दबाव, भारत के सामने रणनीतिक चुनौती
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Oil Vs Tariff: रूस से तेल आयात पर अमेरिका ने बढ़ाया दबाव, भारत के सामने रणनीतिक चुनौती

नई दिल्ली: भारत इस समय एक जटिल ऊर्जा और वैश्विक व्यापार रणनीति के बीच फंसा हुआ है। वह न तो रूस से तेल खरीदना छोड़ सकता है, और न ही अमेरिका की टैरिफ की धमकियों को नजरअंदाज कर सकता है। इस द्वंद्व में देश की ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक हित और भू-राजनीतिक संतुलन सभी दांव पर हैं।   अमेरिकी टैरिफ का खतरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। इसके अलावा, ईरान जैसे ट्रेड पार्टनरों पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ का ऐलान भी किया गया है। अमेरिका ने भारत पर भी इसी प्रकार के आर्थिक प्रतिबंध लागू करने का इशारा किया है। नव नियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने नई दिल्ली में पदभार ग्रहण के बाद कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता फिर से शुरू हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह साझेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच व...