नई दिल्ली: पिछले साल दिसंबर के पहले सप्ताह में हजारों इंडिगो फ्लाइटों के कैंसिल और डिले होने के मामले में नागर विमानन मंत्रालय में बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। डीजीसीए (DGCA) की 66 पेज की कान्फिडेंशियल जांच रिपोर्ट अब मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा की टेबल तक पहुंच गई है।
क्या है रिपोर्ट में
- रिपोर्ट के अनुसार, इंडिगो क्राइसिस का कोई भी मामला ऐसा नहीं है, जिसमें कंपनी ने जानबूझकर फ्लाइट संचालन में गड़बड़ी की हो।
- क्राइसिस के कई कारण बताए गए हैं:
- इंडिगो का ड्यूटी रोस्टर गड़बड़ाना।
- 1 नवंबर से लागू एफडीटीएल (Flight Duty Time Limit) नियमों के तहत 65 कैप्टन की कमी।
- मौसम और अन्य परिचालन कारण।
कंपनी और अधिकारियों पर एक्शन
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में इंडिगो पर 10 करोड़ रुपये तक की पेनल्टी लग सकती है।
- कुछ मामलों में यह एक करोड़ से अधिक की पेनल्टी भी हो सकती है।
- कंपनी के कुछ उच्च अधिकारियों, जिनमें सीओओ भी शामिल हो सकते हैं, पर भी कार्रवाई की संभावना है।
अगले कदम
- डीजीसीए के अलावा मंत्रालय स्तर पर भी एक्शन टेकन रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
- रिपोर्ट का उद्देश्य है सिस्टम की गड़बड़ियों के कारण लाखों यात्रियों की हुई परेशानी का समाधान और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकना।
सारांश
इंडिगो क्राइसिस का मामला केवल एक कारण से नहीं, बल्कि कई परिचालन और नियामकीय चुनौतियों के कारण सामने आया। अब मंत्रालय और डीजीसीए की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि एविएशन सेक्टर में नियम और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाएं।