Wednesday, March 25

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40 साल की राजनीतिक मेहनत और संपत्ति के मालिक: BSP के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह पर आयकर विभाग की छापेमारी
State, Uttar Pradesh

40 साल की राजनीतिक मेहनत और संपत्ति के मालिक: BSP के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह पर आयकर विभाग की छापेमारी

लखनऊ/बलिया (विवेक मिश्रा): उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा से बसपा के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर बुधवार को आयकर विभाग ने छापेमारी की। लखनऊ के गोमतीनगर स्थित आवास, बलिया और सोनभद्र के ठिकानों पर आयकर विभाग के 30 से अधिक अधिकारियों ने रेड की। संपत्ति और आय विधायक उमाशंकर सिंह ने यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के लिए चुनाव आयोग को दिए गए एफिडेविट में अपनी संपत्ति 2022 तक लगभग 40 करोड़ रुपये बताई थी। 2012 में उनकी कुल संपत्ति 20 करोड़ से अधिक थी। आयकर रिटर्न के अनुसार, 2016-17 में उनकी कुछ संपत्ति 2 करोड़ 11 लाख, 2017-18 में 1 करोड़ 43 लाख, और 2020-21 में 36 लाख 69 हजार रुपये थी। शिक्षा और व्यवसाय उमाशंकर सिंह 12वीं पास हैं और सीएस इंफ्रा कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के मालिक हैं। उनकी पत्नी इस कंपनी की एमडी हैं। लगातार चुनावी जीत उमाशंकर सिंह ने 2012, 2017 और 2022 में लगाता...
40 साल बाद इंसाफ! डॉक्टर पर चिल्लाने के कारण बर्खास्त टाटा मोटर्स कर्मचारी को हाई कोर्ट ने दिलाया न्याय
Jharkhand, State

40 साल बाद इंसाफ! डॉक्टर पर चिल्लाने के कारण बर्खास्त टाटा मोटर्स कर्मचारी को हाई कोर्ट ने दिलाया न्याय

रांची (आशुतोष कुमार पांडेय): झारखंड हाई कोर्ट ने टाटा मोटर्स और उसके कर्मचारी के बीच लंबे समय से चली कानूनी लड़ाई में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने श्रम न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें 1984 में डॉक्टर पर चिकित्सा लापरवाही के विरोध में चिल्लाने के कारण बर्खास्त किए गए कर्मचारी की बर्खास्तगी को अवैध घोषित किया गया था। न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने कहा कि यदि यह किसी वरिष्ठ कर्मचारी का मामला होता, तो चिकित्सा लापरवाही के लिए डॉक्टरों को दंडित किया जाता और मरीज मुआवजे का हकदार होता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारी का इलाज उसके नियोक्ता के अस्पताल में हुआ था और न हटाए गए टांके के कारण सेप्टिक संक्रमण से उसे तीव्र दर्द हुआ, जो चिकित्सा लापरवाही का मामला था। मामला क्या था? यह मामला फरवरी 1983 से शुरू हुआ, जब टाटा मोटर्स (तत्कालीन टाटा इंजीनियरिंग एंड लोकोमोटिव कंपनी) में स्थायी मोटर...
प्रेम प्रसंग में खुद को ब्लेड से काटा, सरसों के खेत में लहूलुहान मिली BA छात्रा, CCTV ने खोला राज
State, Uttar Pradesh

प्रेम प्रसंग में खुद को ब्लेड से काटा, सरसों के खेत में लहूलुहान मिली BA छात्रा, CCTV ने खोला राज

हापुड़ (रामबाबू मित्तल): उत्तर प्रदेश के हापुड़ में प्रेम प्रसंग के चलते एक दर्दनाक घटना सामने आई है। बाबूगढ़ थाना क्षेत्र की बीए की छात्रा ने अपने प्रेम संबंधों को लेकर मानसिक तनाव में आकर खुद को गंभीर रूप से घायल कर लिया। छात्रा को ब्लेड से गर्दन और हाथ पर घाव आए, और उसे सरसों के खेत में लहूलुहान अवस्था में पाया गया। परिजन और ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और गंभीर हालत में उसे नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। प्रारंभिक जांच में उलझन शुरुआती जांच में परिजनों ने पुलिस को बताया कि अज्ञात हमलावरों ने हमला किया था। लेकिन पुलिस ने घटनास्थल का सर्वेक्षण और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे घटना का सच सामने आया। फुटेज में छात्रा अकेले खेत की ओर जाती दिखाई दी। घटनास्थल से ब्लेड भी बरामद हुआ। तनाव में उठाया आत्मघाती कदम पुलिस पूछताछ मे...
दो से अधिक संतान वाले भी लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव, भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला
Politics, Rajasthan, State

दो से अधिक संतान वाले भी लड़ सकेंगे पंचायत चुनाव, भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला

जयपुर: राजस्थान की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया कि अब दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवार भी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव लड़ सकेंगे। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत की सरकार ने करीब 30 साल पहले दो से अधिक बच्चों वाले लोगों पर चुनाव लड़ने की पाबंदी लगाई थी। उस समय यह कदम जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से उठाया गया था। अब भजनलाल सरकार ने इस पाबंदी को हटाकर चुनावी दायरे को व्यापक बनाया है और अधिक लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर दिया है। कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 2026 और राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2026 में संशोधन को मंजूरी दी है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि इस बदलाव के लिए सरकार जल्द ही विधेयक पेश करेगी। कैबिनेट की अन्य अहम...
शरद पवार पुणे के अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, राज्यसभा जाने पर सुप्रिया सुले ने दिया बड़ा संकेत
Maharashtra, State

शरद पवार पुणे के अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, राज्यसभा जाने पर सुप्रिया सुले ने दिया बड़ा संकेत

मुंबई/पुणे/दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार की वापसी ने हलचल मचा दी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संस्थापक और बारामती के कद्दावर नेता शरद पवार को पुणे के अस्पताल से बुधवार को छुट्टी मिल गई। स्वस्थ होकर घर लौटे पवार साहब का स्वागत उनके परिवार और समर्थकों ने किया। इस मौके पर उनकी बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने राज्यसभा जाने को लेकर पहला बयान दिया। उन्होंने कहा, "हमारे कोऑपरेटिव सदस्यों और पदाधिकारियों की यही इच्छा है कि पवार साहब राज्यसभा जाएं। सबको लगता है कि पवार साहब ने साठ साल से लोगों के लिए जो काम किया है, उसे जारी रखना चाहिए।" सुप्रिया सुले ने आगे कहा कि पवार साहब ने सभी से कहा है कि मतभेद भूलकर देश की भलाई के लिए काम करना चाहिए। गौरतलब है कि शरद पवार ने अपने छह दशक के राजनीतिक करियर में कभी चुनाव नहीं हारे हैं। वे 14 बार विभिन्न सदनों के लिए चुने जा ...
बंगाल में SIR के बीच रिकॉर्डतोड़ विवाह पंजीकरण, मुस्लिम दंपत्तियों की भागीदारी सबसे अधिक
Politics, State, West Bengal

बंगाल में SIR के बीच रिकॉर्डतोड़ विवाह पंजीकरण, मुस्लिम दंपत्तियों की भागीदारी सबसे अधिक

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया ने अप्रत्याशित रूप से विवाह पंजीकरण के आंकड़ों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। वर्ष 2025 में राज्य में 1,83,733 विवाह पंजीकृत हुए—जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है और 2022 के पिछले रिकॉर्ड (1,81,923) को भी पीछे छोड़ चुका है। SIR और दस्तावेज़ी जरूरतों का असर हालांकि विवाह प्रमाण पत्र SIR के लिए निर्धारित 14 मान्य दस्तावेजों में शामिल नहीं है, फिर भी महिला मतदाताओं के उपनाम और पते में बदलाव की पुष्टि के लिए सुनवाई के दौरान इसे सहायक दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया गया। अधिकारियों का मानना है कि इसी कारण बड़ी संख्या में दंपत्तियों ने विवाह पंजीकरण कराया, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए। मुस्लिम दंपत्तियों की संख्या सबसे अधिक विवाह महानिदेशक कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, Special Marriage Act, 1954...
बिहार में एचआईवी का बढ़ता खतरा: एक लाख के पार संक्रमित, 13 जिले ‘हाई रिस्क’ श्रेणी में
Bihar, State

बिहार में एचआईवी का बढ़ता खतरा: एक लाख के पार संक्रमित, 13 जिले ‘हाई रिस्क’ श्रेणी में

पटना: बिहार में सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। राज्य में एचआईवी संक्रमितों की संख्या एक लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है। इस बात की जानकारी राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मंगलवार को विधान परिषद में दी। विधान परिषद में उठा गंभीर मुद्दा मंगलवार को डॉ. राजवर्धन आजाद समेत नौ विधान पार्षदों ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए इस विषय को सदन में उठाया। जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में कुल 1,00,044 एचआईवी पॉजिटिव मरीज चिन्हित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 196 समेकित परामर्श एवं जांच केंद्र (ICTC) संचालित हैं, जहां एचआईवी की निःशुल्क जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। 13 जिले ‘हाई रिस्क’ जोन में सदन में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार राज्य के 13 जिले ‘हाई रिस्क’ श्रेणी में आ चुके हैं, जह...
राजस्थान बस हड़ताल: 30 हजार बसों के पहिए थमे, खाटूश्यामजी के श्रद्धालु फंसे
Rajasthan, State

राजस्थान बस हड़ताल: 30 हजार बसों के पहिए थमे, खाटूश्यामजी के श्रद्धालु फंसे

जयपुर: राजस्थान में प्राइवेट बस ऑपरेटर्स की हड़ताल ने प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को ठप कर दिया है। सरकार और ऑपरेटर्स के बीच मंगलवार को हुई दूसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही, जिससे 30 हजार से अधिक बसों के पहिए थम गए हैं। करीब 25 लाख यात्री भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। नई शर्त से बढ़ा गतिरोध प्राइवेट बस ऑपरेटर्स ने अब विवाद को अधिकारियों के व्यवहार से जोड़ दिया है। उनका कहना है कि जब तक आरटीओ द्वितीय धर्मेंद्र चौधरी और इंस्पेक्टर राजेश चौधरी को एपीओ (Awaiting Posting Order) नहीं किया जाता, तब तक किसी तीसरे दौर की वार्ता में शामिल नहीं होंगे। इससे पहले ऑपरेटर्स की मांग थी कि यात्रियों को बीच रास्ते उतारकर बसें सीज न की जाएं, टैक्स स्लैब पड़ोसी राज्यों के अनुरूप कम किए जाएं और भारी चालानों पर रोक लगे। अब यह विवाद प्रतिष्ठा की लड़ाई में बदलता दिख रहा है। रोडवेज पर बढ़ा बोझ प्रदेश म...
गाजियाबाद में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात: बेटे-बहू ने बुजुर्ग माता-पिता पर दरांती से हमला
State, Uttar Pradesh

गाजियाबाद में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात: बेटे-बहू ने बुजुर्ग माता-पिता पर दरांती से हमला

गाजियाबाद: मोदीनगर क्षेत्र के हरमुखपुरी कॉलोनी में पारिवारिक विवाद ने सोमवार रात खूनी रूप ले लिया। 70 वर्षीय रमाशंकर और उनकी 65 वर्षीय पत्नी सुशीला पर उनके ही बेटे मनोज और बहू किरण ने कथित तौर पर दरांती से जानलेवा हमला कर दिया। घटना में दोनों बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मकान विवाद बना हमले की वजह परिजनों के अनुसार, घर के स्वामित्व को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रमाशंकर का आरोप है कि उनका बेटा मनोज पिछले तीन वर्षों से मकान अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। बताया गया कि मनोज की दूसरी शादी है और पारिवारिक तनाव के कारण घर में अक्सर कहासुनी होती रहती थी। सोमवार रात विवाद बढ़ने पर बुजुर्ग दंपति ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही। आरोप है कि इसी से नाराज होकर मनोज ने दरांती उठाकर माता-पिता पर ताबड़तोड़ वार किए। हमले में उनके सिर और हाथों म...
यूपी राजनीति में हलचल: ‘घर वापसी’ की अटकलों पर बागी विधायकों का पलटवार
State, Uttar Pradesh

यूपी राजनीति में हलचल: ‘घर वापसी’ की अटकलों पर बागी विधायकों का पलटवार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। 2024 के राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले समाजवादी पार्टी (सपा) के सात बागी विधायकों को लेकर ‘घर वापसी’ की चर्चाएं जोरों पर हैं। हालांकि, गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह और गोसाईंगंज से विधायक अभय सिंह ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। ‘राम विरोधियों के साथ नहीं जाऊंगा’ राकेश प्रताप सिंह ने दो टूक कहा, “सपा को मुझे वापस लाने का भ्रम छोड़ देना चाहिए। मैं राम विरोधियों के साथ कभी नहीं जाऊंगा।” वहीं अभय सिंह ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर मैं विधिक कार्रवाई करूंगा। मुझे प्रभु श्रीराम मिल गए हैं, अब माया की जरूरत नहीं है।” क्या है ‘घर वापसी’ का फॉर्मूला? राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सत्ताधारी दल में अपेक्षित महत्व न मिलने से कुछ बागी विधायक असहज हैं और सपा नेतृत्व से संपर्...