Tuesday, January 13

बेबी अरिहा शाह का मामला: पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर मर्ज से उठाया विशेष मुद्दा

नई दिल्ली: जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेबी अरिहा शाह का मामला भी उठाया। इस चर्चा के पीछे उद्देश्य बच्ची की परवरिश को भारतीय सांस्कृतिक और पारिवारिक माहौल में बनाए रखने की कोशिश है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पूरी जानकारी साझा की।

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बेबी अरिहा शाह कौन हैं?

अरिहा शाह एक भारतीय बच्ची हैं, जो वर्तमान में जर्मनी के फॉस्टर केयर में रह रही हैं। अरिहा का जन्म 23 सितंबर 2021 को जर्मनी में हुआ। बच्ची सात महीने की थी जब उसे चोट लगी, जिसके बाद जर्मन चाइल्ड प्रोटेक्शन एजेंसी यूगेंडम्ट ने उसे माता-पिता से अलग कर अपनी कस्टडी में ले लिया।

अरिहा के माता-पिता धरा शाह और भावेश शाह गुजरात के निवासी हैं। 2018 में बेहतर नौकरी के लिए वे जर्मनी चले गए थे। चोट लगने के बाद अस्पताल ने यौन शोषण की आशंका जताई, जिसके बाद जर्मन एजेंसी ने बच्ची को फॉस्टर केयर में रखा।

 

कानूनी लड़ाई और स्थिति

  • जर्मन पुलिस की जांच और डीएनए समेत सभी मेडिकल जांचों में यह साबित हुआ कि बच्ची के साथ कोई यौन शोषण नहीं हुआ
  • इसके बावजूद, यूगेंडम्ट ने बच्ची को माता-पिता को लौटाने से मना कर दिया। एजेंसी का तर्क था कि माता-पिता ने बच्ची के साथ “हिंसक व्यवहार” किया या उसकी देखभाल में लापरवाही बरती।
  • कोर्ट ने माता-पिता के पैरेंटिंग राइट्स समाप्त कर दिए और अरिहा को फॉस्टर केयर में रखा गया।

 

भारत की पहल

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत हर कदम पर परिवार के संपर्क में रहेगा और बेबी अरिहा की परवरिश को भारतीय माहौल में बनाए रखने के प्रयास किए जाएंगे। इसमें शामिल हैं:

  • भारतीय समुदाय के साथ बातचीत और त्योहारों में भागीदारी
  • हिंदी भाषा सीखने की व्यवस्था
  • जर्मन सरकार के साथ निरंतर फॉलो-अप

उन्होंने बताया कि यह मामला कानूनी दृष्टि से संवेदनशील है, लेकिन मानवतावादी दृष्टिकोण से इसका समाधान निकाला जा रहा है।

 

पीएम मोदी की भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर मर्ज से इस मुद्दे पर बात की और सुनिश्चित किया कि भारत बेबी अरिहा के कल्याण और सांस्कृतिक माहौल में पालनपोषण के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

 

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