
जयपुर: राजस्थान की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया कि अब दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवार भी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव लड़ सकेंगे।
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत की सरकार ने करीब 30 साल पहले दो से अधिक बच्चों वाले लोगों पर चुनाव लड़ने की पाबंदी लगाई थी। उस समय यह कदम जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्य से उठाया गया था। अब भजनलाल सरकार ने इस पाबंदी को हटाकर चुनावी दायरे को व्यापक बनाया है और अधिक लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर दिया है।
कैबिनेट ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 2026 और राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2026 में संशोधन को मंजूरी दी है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि इस बदलाव के लिए सरकार जल्द ही विधेयक पेश करेगी।
कैबिनेट की अन्य अहम घोषणाएं
अजमेर में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विश्वविद्यालय की स्थापना: हेल्थ सेक्टर और मेडिकल शिक्षा में नई संभावनाएं बढ़ेंगी।
राजस्व आसूचना एवं अपराध निदेशालय का गठन: टैक्स चोरी, राजस्व गड़बड़ी, शेयर बाजार की अनियमितताएं, फर्जी नौकरियां, जमीनों के पंजीकरण में धोखाधड़ी जैसी घटनाओं पर कड़ी निगरानी।
नए रोजगार सृजन: निदेशालय में 107 नए पदों का सृजन किया गया।
पंचायत चुनाव की संभावित तिथि
राजस्थान उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक संपन्न कराने की समय सीमा तय की है। राज्य निर्वाचन आयोग मार्च के दूसरे सप्ताह तक चुनाव तिथि जारी कर सकता है और इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
