
मुंबई।
देश के जाने-माने संगीतकार ए.आर. रहमान के हालिया बयान के बाद फिल्म और संगीत जगत में नई बहस छिड़ गई है। अब इस विवाद में मशहूर भजन गायक अनूप जलोटा की एंट्री ने मामला और गर्मा दिया है। अनूप जलोटा ने रहमान को धर्म को लेकर ऐसी सलाह दे दी है, जिस पर सोशल मीडिया से लेकर कला जगत तक तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में अनूप जलोटा ने कहा कि यदि ए.आर. रहमान को यह महसूस हो रहा है कि मुस्लिम होने के कारण उन्हें फिल्मों में काम नहीं मिल रहा, तो उन्हें वापस हिंदू धर्म अपनाकर देखना चाहिए। जलोटा का यह बयान सामने आते ही विवाद का रूप ले चुका है।
क्या बोले अनूप जलोटा?
अनूप जलोटा ने रहमान के धार्मिक बैकग्राउंड का उल्लेख करते हुए कहा,
“ए.आर. रहमान पहले हिंदू थे और बाद में उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार किया। इसके बावजूद उन्होंने संगीत की दुनिया में जबरदस्त नाम कमाया। लेकिन अगर अब उन्हें लगता है कि उनके धर्म की वजह से उन्हें काम नहीं मिल रहा, तो उन्हें दोबारा हिंदू बनने के बारे में सोचना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि अगर रहमान को यह विश्वास है कि हिंदू होने से उन्हें फिर से फिल्में मिलने लगेंगी, तो उन्हें ऐसा करके देखना चाहिए।
ए.आर. रहमान के बयान से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, ए.आर. रहमान ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि पिछले करीब आठ वर्षों में फिल्म इंडस्ट्री में उनके काम में कमी आई है। इसका कारण उन्होंने इंडस्ट्री में आए “पावर शिफ्ट” को बताया, जहां अब रचनात्मक लोगों के बजाय गैर-रचनात्मक लोग फैसले ले रहे हैं।
रहमान ने यह भी संकेत दिया था कि यह बदलाव कहीं न कहीं “कम्युनल सोच” से भी जुड़ा हो सकता है।
कला बनाम धर्म की बहस तेज
अनूप जलोटा की टिप्पणी के बाद यह बहस फिर तेज हो गई है कि क्या किसी कलाकार के काम को उसके धर्म से जोड़कर देखा जाना चाहिए। कई लोग इसे व्यक्तिगत आस्था का मामला बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे असंवेदनशील और अनावश्यक टिप्पणी करार दे रहे हैं।
फिलहाल, इस पूरे विवाद पर ए.आर. रहमान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इतना तय है कि कला, धर्म और अवसर को लेकर छिड़ी यह बहस अभी थमने वाली नहीं है।