
राजसमंद/जयपुर: अक्सर सरकारी दफ्तरों में काम में सुस्ती और जनता के पसीने छूट जाने की शिकायत होती है, लेकिन राजसमंद के कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने इस धारणा को बदलने के लिए एक अद्वितीय कदम उठाया है। उन्होंने शपथ ली है कि जब तक जिले के सभी पात्र गरीबों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा, तब तक वह अपनी सैलरी नहीं लेंगे।
गरीबों की समस्या को प्राथमिकता
राजसमंद में लगभग 30,000 लोग मुफ्त राशन, पालनहार योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं के लिए लंबित हैं। हसीजा ने कहा, “अगर हमारी सैलरी 10 दिन भी रुके तो हम घबरा जाते हैं, अब जरा सोचिए कि गरीब का क्या होगा जिसे महीने के मात्र 1,500 रुपये मिलते हैं।”
48 घंटे में असर दिखा
इस पहल का असर महज 48 घंटों में देखने को मिला। पेंशन के 88% लाभार्थियों का पंजीकरण पूरा हो चुका है और कर्मचारियों ने 31 जनवरी तक सभी लंबित काम निपटाने का भरोसा दिया है।
असाधारण कार्यशैली
अरुण कुमार हसीजा अपनी कर्तव्यनिष्ठा और नवाचारी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। पहले उन्होंने किसानों के पंजीकरण के लिए ‘नाइट चौपाल’ शुरू की थी, जिससे 15 दिनों में रिकॉर्ड तोड़ पंजीकरण हुए।
इस कदम ने दिखा दिया है कि यदि अधिकारी की नीयत साफ हो, तो कुर्सी पर बैठकर भी समाज के आखिरी व्यक्ति के अधिकार सुरक्षित किए जा सकते हैं।