
हमीरपुर/महोबा (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के हमीरपुर और महोबा संसदीय क्षेत्र में एसआईआर (Special Summary Revision) अभियान के बाद अब 88 हजार से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी करने की तैयारी निर्वाचन विभाग ने शुरू कर दी है।
एसआईआर में मिली विसंगतियाँ:
पिछले साल 4 नवंबर से 26 दिसंबर तक चलाए गए एसआईआर अभियान में लगभग 1.75 लाख मतदाताओं के नाम अवैध पाए गए, जिन्हें मतदाता सूची से हटा दिया गया। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे नाम थे जो जीवित नहीं हैं या फर्जी पाए गए।
हमीरपुर जिले में एसआईआर के बाद 89.22 प्रतिशत मतदाताओं के नाम डिजिटाइज्ड कर लिए गए हैं। सहायक निर्वाचन अधिकारी एसके शुक्ला ने बताया कि हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर से पहले 4,28,528 मतदाता थे, जो अब 3,79,986 रह गए हैं। राठ विधानसभा क्षेत्र में यह संख्या 4,11,203 से घटकर 3,69,385 हो गई है।
नोटिस जारी करने का कारण:
एसआईआर अभियान में लगभग 88 हजार मतदाता ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में आए हैं। इसका कारण यह है कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में इन मतदाताओं का कोई विवरण उपलब्ध नहीं है, न ही उनके नाम सूची में दर्ज हैं और न ही उनके परिजनों का कोई ब्यौरा मौजूद है।
इसीलिए हमीरपुर जिले में 53,791 और महोबा जिले में 34,671 मतदाताओं को अब अपनी पात्रता साबित करने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। सहायक निर्वाचन अधिकारी एसके शुक्ला ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी 13 विकल्पों में से कोई एक अभिलेख प्रस्तुत करने पर इन मतदाताओं के नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
भविष्य की प्रक्रिया:
निर्वाचन विभाग की यह कार्रवाई मतदाता सूची को और पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नोटिस मिलने के बाद मतदाता अपनी पात्रता साबित कर पाएंगे, अन्यथा उनका नाम सूची में शामिल नहीं होगा।