
जयपुर।
राजस्थान में सर्दी ने अब अपना सबसे कठोर रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मकर संक्रांति से पहले ही पूरा प्रदेश कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की गिरफ्त में आ चुका है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड के इस प्रचंड दौर में कई इलाकों में ‘कोल्ड डे’ जैसे हालात बन गए हैं। घने कोहरे के कारण जोधपुर, बीकानेर, कोटा, उदयपुर और जयपुर संभाग में दृश्यता बेहद कम रही, जिससे सड़क यातायात की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया।
सूरज के दर्शन दुर्लभ, दिन का तापमान भी लुढ़का
कोहरे की सघन चादर के चलते कई जिलों में दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हो सके। इसका सीधा असर अधिकतम तापमान पर पड़ा और दिन में भी ठिठुरन बनी रही। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
शेखावाटी में ऑरेंज अलर्ट, पारा शून्य के करीब
मौसम केंद्र जयपुर ने शेखावाटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनू और चूरू) के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में उत्तरी राजस्थान के तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है।
11 और 12 जनवरी को प्रदेश के लिए सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, जब शेखावाटी में अतिशीत लहर चलने की प्रबल संभावना है। इन इलाकों में तापमान शून्य के आसपास पहुंच सकता है, जिससे फसलों पर पाले का खतरा बढ़ गया है।
एक सप्ताह तक शुष्क रहेगा मौसम
राहत की बात यह है कि अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है और बारिश के कोई आसार नहीं हैं। हालांकि पश्चिमी, उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में अगले 2–3 दिनों तक घना कोहरा और तीव्र ठंड बनी रहने की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे ठंड से बचाव के पर्याप्त उपाय करें, विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और किसानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।