Thursday, May 21

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चीन के J-10C को झटका, इंडोनेशिया के बाद बांग्लादेश ने भी किया किनारा यूरोफाइटर टाइफून में दिखाई रुचि, चीन की कूटनीतिक हार स्पष्टO

बीजिंग / ढाका: चीन के J-10C लड़ाकू विमान को एक और करारा झटका लगा है। इंडोनेशिया के बाद अब बांग्लादेश ने भी J-10C की जगह यूरोफाइटर टाइफून में रुचि दिखाई है। बांग्लादेश ने यूरोफाइटर जेट खरीदने के लिए लेटर ऑफ़ इंटेंट (LoI) पर साइन कर दिया है, जिसमें 12-16 जेट्स खरीदने की संभावना है।

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विशेष रूप से, अगर यह डील फाइनल होती है तो बांग्लादेश दक्षिण एशिया का पहला देश होगा जो यूरोफाइटर टाइफून ऑपरेट करेगा और यूरोप-मध्य पूर्व के बाहर ऐसा करने वाला पहला देश बनेगा।

चीन की निराशा
चीन J-10C को आक्रामक प्रचार के साथ बेचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब तक इसे कोई नया पक्का एक्सपोर्ट ग्राहक नहीं मिला है। मई में पाकिस्तान के साथ मिलकर J-10C को ‘राफेल किलर’ के रूप में प्रमोट किया गया, लेकिन इंडोनेशिया और अब बांग्लादेश के विकल्प चुनने से चीन की रणनीति विफल साबित हुई।

अन्य संभावित ग्राहक
बांग्लादेश J-10C के लिए मूल्यांकन कर रहे देशों की लंबी सूची में शामिल है। ब्राजील, मिस्र, इंडोनेशिया, कोलंबिया और ईरान भी J-10C खरीदने पर विचार कर चुके हैं, लेकिन अभी तक चीन को नया ऑर्डर हासिल नहीं हुआ है।

इंडोनेशिया का फैसला
अक्टूबर में इंडोनेशिया ने 42 J-10C जेट खरीदने की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि सभी प्लेटफॉर्म का मूल्यांकन जारी है। इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल फ्रेगा वेनास इंकिरिवांग ने कहा, “हम अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा की जरूरत के अनुसार सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।”

विशेषज्ञ मानते हैं कि यूरोफाइटर टाइफून की ओर बढ़ती रुचि चीन के लिए एक गंभीर कूटनीतिक झटका है, जिससे उसके J-10C विमान की अंतरराष्ट्रीय बिक्री प्रभावित हो सकती है।

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