
बीजिंग: चीन ने अपने हल्के लड़ाकू टैंक टाइप 99बी को अपग्रेड किया है। इस टैंक में अब उन्नत संचार और मारक क्षमता, 360 डिग्री विज़न सिस्टम, नया फायर कंट्रोल सिस्टम, और युद्धक्षेत्र की जानकारी के लिए फोटोइलेक्ट्रिक और सेंसर सिस्टम शामिल किया गया है।
यह कदम भारत द्वारा जोरावर हल्के टैंक का अनावरण करने के बाद आया है। जोरावर का वजन लगभग 25 टन है, जबकि टाइप 99बी का वजन 55 टन है। चीन का यह टैंक उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लड़ाई के लिए तैयार किया गया है और इसे चीन-भारत सीमा पर तैनात किए जाने की संभावना है।
टाइप 99बी की खासियतें:
- अपग्रेडेड ब्लास्ट रिएक्टिव आर्मर मॉड्यूल
- इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी आधारित कमांड और कंट्रोल
- चालक दल के लिए 360 डिग्री विज़न सिस्टम
- नेक्स्ट जेनरेशन थर्मल ऑप्टिक्स और फायर कंट्रोल सिस्टम
- युद्धक्षेत्र की जानकारी के लिए सेंसर और फोटोइलेक्ट्रिक सिस्टम
टाइप 99 चीन का तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक है और यह पुराने टाइप 88 की जगह लेने के लिए बनाया गया था। इसका डिजाइन अत्याधुनिक पश्चिमी टैंकों के मुकाबले सक्षम बनाया गया है।
जोरावर टैंक की पृष्ठभूमि:
भारत के हल्के टैंक जोरावर का नाम डोगरा योद्धा जनरल जोरावर सिंह के सम्मान में रखा गया है। इसका वजन लगभग 25 टन है और इसे विशेष रूप से उच्च ऊंचाई और ठंडे मौसम में युद्ध के लिए तैयार किया गया है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि टाइप 99बी के अपग्रेड के बाद भारत और चीन के बीच सीमा पर सैन्य संतुलन और रणनीतिक दबाव बढ़ सकता है।