बलूचिस्तान या खैबर पख्तूनख्वा: पाकिस्तान के दो सूबे पहले आजाद हो सकते हैं, मुनीर के लिए बने नासूर TTP और BLAप्रियेश मिश्र, नवभारत टाइम्स, 4 दिसंबर 2025
पाकिस्तान इस समय गंभीर आंतरिक सुरक्षा संकट का सामना कर रहा है। बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे सूबे लंबे समय से अलगाववादी आंदोलन की चपेट में हैं, और आतंकवादी हमलों में तेज़ी ने देश की एकता को गंभीर चुनौती दी है।
आतंक की बढ़ती मार:इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (CRSS) की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2025 तक आतंकवादी हमलों में 2,414 लोग मारे गए, जो पिछले साल की समान अवधि से 58% अधिक है। केवल तीसरी तिमाही में 901 मौतें और 599 घायल हुए, जिनमें 96% से अधिक हिंसा केवल खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में हुई।
दो सूबे बगावत की कगार पर:खैबर पख्तूनख्वा में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) सक्रिय है, जबकि बलूचिस्तान में बलूच विद्रोही हथियार उठाए हुए हैं। दोनों ही सूबे अपने अधिकारों और संसाधनों के शोषण को लेकर पाकिस्तानी सेना से त्रस्त हैं। खैबर पख्तूनख्व...










