
अलीगढ़। पंजाब नेशनल बैंक से डिप्टी जनरल मैनेजर के पद से रिटायर हुए दिनेश शर्मा साइबर अपराध का शिकार हो गए। स्कैमर्स ने उन्हें 30-40 प्रतिशत रिटर्न का झांसा देकर एक WhatsApp ग्रुप में फंसाया और उनके बैंक अकाउंट से 1.10 करोड़ रुपये निकाल लिए।
कहां से शुरू हुई ठगी
दिनेश शर्मा के अनुसार, स्कैम की शुरुआत एक मैसेज से हुई, जिसमें उच्च रिटर्न का दावा किया गया। इसके बाद उन्हें एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ा गया, जिसमें कई लोग अपने प्रॉफिट शेयर कर रहे थे। शुरुआत में दिनेश ने 5,000 रुपये की मामूली राशि डाली, जो उन्हें एप्लिकेशन में नकली हाई रिटर्न के तौर पर दिखाई गई।
पूरी रिटायरमेंट सेविंग्स डूब गई
जैसे-जैसे दिनेश ने भरोसा करना शुरू किया, स्कैमर्स ने पूरी रिटायरमेंट सेविंग्स पर कब्जा कर लिया। कुल नुकसान 1.10 करोड़ रुपये हुआ। इसके बाद स्कैमर्स ने 3 करोड़ रुपये और मांगने शुरू किए, जिससे दिनेश को शक हुआ और उन्होंने अपने परिवार को पूरी बात बताई।
साइबरक्राइम यूनिट से संपर्क
दिनेश शर्मा ने तुरंत साइबरक्राइम यूनिट से संपर्क किया और फॉर्मल शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने की चेतावनी भी दी।
तीन सुरक्षा टिप्स जो दिनेश ने साझा की
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अपने परिवार को किसी भी डिजिटल लेन-देन की जानकारी छिपाएँ नहीं।
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किसी भी आकर्षक रिटर्न ऑफर के लालच में न आएं।
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अगर आप साइबर फ्रॉड का शिकार हों, तुरंत पुलिस साइबर सेल से संपर्क करें और शिकायत दर्ज कराएं।
निष्कर्ष:
WhatsApp और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो रहे ऐसे फ्रॉड बढ़ते जा रहे हैं। आम लोगों को सावधान रहने और विश्वसनीय स्रोतों के माध्यम से ही निवेश करने की जरूरत है।
