Tuesday, February 10

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पहलगाम हमला: अमेरिकी सांसद ने माना, TRF लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी है जिम्मेदार
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पहलगाम हमला: अमेरिकी सांसद ने माना, TRF लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी है जिम्मेदार

इस साल अप्रैल में कश्मीर के पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के मामले में अब अमेरिकी सांसद ने भी पाकिस्तान के आतंकवादियों की भूमिका को स्वीकार किया है। डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के नेता बिल हुइजेंगा ने स्पष्ट तौर पर कहा कि हाफिज सईद के लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी गुट, द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) इस हमले के लिए जिम्मेदार है। अमेरिकी संसद ने भी भारत के पक्ष को बल दिया हुइजेंगा ने कहा कि पाकिस्तान स्थित TRF को जुलाई में ही ट्रंप प्रशासन ने विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित कर दिया था। उन्होंने पहलगाम हमले को भयावह बताते हुए कहा कि यह हमला TRF द्वारा अंजाम दिया गया। इस बयान से भारत के दावे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बल मिला है कि हाफिज सईद और उसके आतंकवादी पाकिस्तान से बैठकर भारत में हमलों की साजिश रचते हैं। पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर ...
अमेरिका करेगा पाक F-16 बेड़े का अपग्रेड, 686 मिलियन डॉलर का पैकेज, भारत की सुरक्षा पर सवाल
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अमेरिका करेगा पाक F-16 बेड़े का अपग्रेड, 686 मिलियन डॉलर का पैकेज, भारत की सुरक्षा पर सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमानों के बेड़े को अपग्रेड करने जा रहा है। इसके लिए ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कांग्रेस को औपचारिक रूप से 686 मिलियन डॉलर (लगभग 6174 करोड़ रुपये) का प्रस्ताव भेजा है। यह कदम भारत-पाकिस्तान के बीच सुरक्षा संतुलन पर नए सवाल खड़े कर रहा है। पैकेज में क्या शामिल है अमेरिका की डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (DSCA) के अनुसार, इस अपग्रेड पैकेज में कुल 37 मिलियन डॉलर का प्रमुख रक्षा उपकरण (MDE) और 649 मिलियन डॉलर का सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और लॉजिस्टिकल सपोर्ट शामिल है। 92 लिंक-16 टैक्टिकल डेटा लिंक सिस्टम: जैम-रेसिस्टेंट युद्धक्षेत्र संचार नेटवर्क, जो अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं में इस्तेमाल होता है। 6 Mk-82 इनर्ट 500-पाउंड बम बॉडी: ट्रेनिंग और टेस्टिंग के लिए। यह अपग्रेड पाकिस्तान के ब्लॉक-52 और मिड-लाइफ (MLU) F-16...
भारत पर टैरिफ ने फंसा दिया ट्रंप को, सांसदों ने अमेरिका की विदेश नीति पर कसा तंज
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भारत पर टैरिफ ने फंसा दिया ट्रंप को, सांसदों ने अमेरिका की विदेश नीति पर कसा तंज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के चलते भारत और अमेरिका के रिश्तों में पैदा हुए तनाव पर अमेरिकी ही सवाल उठाने लगे हैं। डेमोक्रेटिक सांसद सिडनी कामलेगर-डोव ने हाल ही में पुतिन के भारत दौरे को लेकर ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति की कड़ी आलोचना की। पुतिन-मोदी की तस्वीरें बोल रही हैं सांसद डोव ने कहा, "नरेंद्र मोदी और व्लादिमीर पुतिन की साथ में आई तस्वीरें बहुत कुछ बयान कर रही हैं। ट्रंप को समझना चाहिए कि तस्वीरें झूठ नहीं बोलती। पुतिन और मोदी की गले मिलते हुए तस्वीरें ट्रंप की नाकाम विदेश नीति का सीधा सबूत हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप की टैरिफ नीति ने भारत के साथ लंबे समय में बने भरोसेमंद रिश्तों को पटरी से उतार दिया है। भारत पर टैरिफ और H-1B वीजा की आलोचना सांसद डोव ने ट्रंप प्रशासन द्वारा रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए टैरिफ को भी बेवजह बताया। उन्होंने...
भारत दौरे के बाद पुतिन को इंडोनेशिया का न्योता, सबसे बड़े मुस्लिम देश ने किया आमंत्रण
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भारत दौरे के बाद पुतिन को इंडोनेशिया का न्योता, सबसे बड़े मुस्लिम देश ने किया आमंत्रण

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की हाल ही में भारत यात्रा के बाद अब अन्य देश भी उनके स्वागत के लिए आगे आ रहे हैं। दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने पुतिन को राजकीय यात्रा के लिए आमंत्रित किया है। मॉस्को में हुई बैठक 10 दिसंबर को मॉस्को में पुतिन और इंडोनेशियाई राष्ट्रपति की मुलाकात हुई, जो इस साल दोनों नेताओं की दूसरी बैठक थी। इस दौरान प्रबोवो सुबियांतो ने दोनों देशों के उत्कृष्ट संबंधों की सराहना की और कहा कि भारत ही एकमात्र देश नहीं होना चाहिए जहां पुतिन यात्रा करें। उन्होंने पुतिन को 2026 या 2027 में अपनी सुविधा अनुसार इंडोनेशिया आने का न्योता दिया। भारत दौरे का जिक्र इंडोनेशियाई राष्ट्रपति ने पुतिन की हाल की भारत यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि इस अवसर का फायदा उठाते हुए वह उन्हें अपने देश आने का न्योता दे रहे हैं। पुतिन इस प्रस...
सेंट पीटर्सबर्ग के सबसे बड़े मार्केट में भीषण आग, धमाकों की आवाजें, 1 की मौत, कई घायल
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सेंट पीटर्सबर्ग के सबसे बड़े मार्केट में भीषण आग, धमाकों की आवाजें, 1 की मौत, कई घायल

रूस के सेंट पीटर्सबर्ग शहर के नेवस्की जिले में बुधवार शाम को शहर के सबसे बड़े बाजार में से एक में भीषण आग लग गई। आग की घटनास्थल से चश्मदीदों ने धमाकों की आवाजें सुनाई देने की बात कही है। इस भीषण आग में अब तक एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। आग की भयावहता रूसी मीडिया के अनुसार, पूरा मार्केट कॉम्प्लेक्स आग की लपटों में घिर गया और घटनास्थल से वीडियो में तेज धुएं और आग की ऊँची लपटें दिखाई दे रही हैं। आपातकालीन स्थिति मंत्रालय ने बताया कि आग लगने की घटना में कम से कम दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 52 वर्षीय एक महिला को कार्बन मोनोऑक्साइड से विषाक्तता हुई, जबकि एक अन्य व्यक्ति आग से बचने के लिए दूसरी मंजिल से कूद गया और घायल हो गया। बचाव कार्य और फायर फाइटिंग आग लगने की सूचना मिलते ही फायर रेस्पॉन्स टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। लगभग 30 फायर इंजन और 96 आपातका...
ट्रंप ने लॉन्च किया गोल्ड कार्ड: 10 लाख डॉलर में अमेरिकी नागरिकता का नया रास्ता
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ट्रंप ने लॉन्च किया गोल्ड कार्ड: 10 लाख डॉलर में अमेरिकी नागरिकता का नया रास्ता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को बहुप्रतीक्षित ट्रंप गोल्ड कार्ड प्रोग्राम को लॉन्च कर दिया। यह प्रोग्राम अमेरिका में स्थायी निवास और नागरिकता पाने का नया और तेज़ रास्ता खोलता है। ट्रंप ने इसे ग्रीन कार्ड से बेहतर बताया और कहा कि यह अमेरिका में टैलेंटेड लोगों को लाने का अनूठा अवसर है। ट्रंप की घोषणा ट्रंप ने व्हाइट हाउस के रूजवेल्ट रूम में बिजनेस लीडर्स की मौजूदगी में प्रोग्राम की घोषणा की। उन्होंने कहा,"अमेरिकी सरकार का ट्रंप गोल्ड कार्ड आज आ गया है! सभी योग्य और वेरिफाइड लोगों के लिए नागरिकता का सीधा रास्ता! हमारी महान अमेरिकी कंपनियां अपने अनमोल टैलेंट को यहां रख पाएंगी।" ट्रंप ने आगे कहा कि यह ग्रीन कार्ड के समान है, लेकिन इसमें कंपनियों और आवेदकों के लिए बड़े फायदे हैं। कंपनियां किसी भी योग्य व्यक्ति को अमेरिका में काम करने के लिए कार्ड खरीद सकेंगी। गोल्ड कार्...
न्यूयॉर्क क्यों बना संयुक्त राष्ट्र का स्थायी मुख्यालय? 11 दिसंबर 1946 की ऐतिहासिक कहानी
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न्यूयॉर्क क्यों बना संयुक्त राष्ट्र का स्थायी मुख्यालय? 11 दिसंबर 1946 की ऐतिहासिक कहानी

दूसरे विश्व युद्ध के बाद शांति और अंतरराष्ट्रीय संवाद के लिए एक स्थायी मंच की आवश्यकता महसूस की गई थी। इसी क्रम में 11 दिसंबर 1946 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने ऐतिहासिक निर्णय लिया और न्यूयॉर्क शहर को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का स्थायी घर घोषित किया। यह निर्णय केवल एक स्थान तय करने तक सीमित नहीं था, बल्कि युद्धोत्तर विश्व में स्थायी शांति और वैश्विक संवाद का प्रतीक बन गया। कौन-कौन से शहरों पर विचार हुआ? शुरुआत में लंदन, जिनेवा, सैन फ्रांसिस्को और फ़िलाडेल्फ़िया जैसे शहरों पर भी विचार हुआ। लेकिन अंततः न्यूयॉर्क को प्राथमिकता दी गई। अमेरिका नई महाशक्ति के रूप में उभर चुका था और संयुक्त राष्ट्र की मेजबानी उसकी वैश्विक भूमिका को दर्शाने का अवसर थी। वॉरेन आर. ऑस्टिन का निर्णायक योगदान अमेरिका के स्थायी प्रतिनिधि वॉरेन आर. ऑस्टिन ने महासभा के भीतर और बाहर लगातार न्यूयॉर्क के समर्थन म...
ट्रंप का नया ग्लोबल प्लान: भारत, चीन, रूस और जापान के साथ C-5, क्या G-7 का होगा अंत?
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ट्रंप का नया ग्लोबल प्लान: भारत, चीन, रूस और जापान के साथ C-5, क्या G-7 का होगा अंत?

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नई नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रैटेजी (NSS) में एक चौंकाने वाला प्रस्ताव रखा है। इसके तहत अमेरिका, भारत, चीन, रूस और जापान को मिलाकर एक नया वैश्विक मंच C-5 बनाने की योजना है। NSS ड्राफ्ट के अनुसार, C-5 आर्थिक या लोकतांत्रिक मानदंडों पर आधारित नहीं होगा, बल्कि दुनिया की पांच सबसे बड़ी जनसंख्या वाले और जियो-पॉलिटिकल रूप से शक्तिशाली देशों का मंच होगा। इस समूह का उद्देश्य विश्व स्तर पर सुरक्षा, शांति और जियो-पॉलिटिकल मुद्दों का समाधान करना होगा। G-7 का दबदबा खतरे में? विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर C-5 का गठन होता है, तो G-7 का अस्तित्व और वैश्विक प्रभाव संकट में पड़ सकता है। G-7 में अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और यूके शामिल हैं। रूस और अमेरिका का दृष्टिकोण ट्रंप प्रशासन ने NSS में स्पष्ट किया है कि अमेरि...
सऊदी अरब-पाकिस्तान परमाणु सुरक्षा डील: भारत का खाड़ी देशों पर असर घटा? अमेरिकी विशेषज्ञ की चिंता
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सऊदी अरब-पाकिस्तान परमाणु सुरक्षा डील: भारत का खाड़ी देशों पर असर घटा? अमेरिकी विशेषज्ञ की चिंता

रियाद/नई दिल्ली: सऊदी अरब और पाकिस्तान ने अचानक परमाणु सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस डील के तहत दोनों देशों में से किसी पर हमला अन्य देश पर हमला माना जाएगा। अमेरिकी विशेषज्ञ जीन लूप का मानना है कि इस कदम को कतर पर इजरायल के हालिया हमले और खाड़ी क्षेत्र की बढ़ती असुरक्षा से जोड़कर देखना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच यह रिश्ता नया नहीं है। लंबे समय से पाकिस्तानी सैनिक सऊदी सेना को ट्रेनिंग और सुरक्षा में सहायता करते रहे हैं। साल 1963 से पाकिस्तानी सैनिक मक़्का और मदीना सहित सऊदी अरब की जमीन की सुरक्षा में तैनात हैं। जीन लूप ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में भारत का प्रभाव घटता जा रहा है, खासकर सऊदी अरब, यूएई और ओमान के चीन की ओर झुकाव के कारण। सऊदी अरब ने यमन युद्ध में पाकिस्तान के असहयोग के बाद चीन के साथ अपने रिश्ते मजबूत किए। अब कई खाड़ी देशों ने ची...
असीम मुनीर बने पाकिस्तान के ‘सुपर आर्मी चीफ’, सिंधी नेता शफी बुरफत की पीएम मोदी को चिट्ठी—‘परमाणु हथियार खतरे में’
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असीम मुनीर बने पाकिस्तान के ‘सुपर आर्मी चीफ’, सिंधी नेता शफी बुरफत की पीएम मोदी को चिट्ठी—‘परमाणु हथियार खतरे में’

इस्लामाबाद/नई दिल्ली: पाकिस्तान की संसद ने संविधान में बड़ा संशोधन करते हुए सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बना दिया है। इस पद के साथ मुनीर को पाकिस्तान की नेशनल पॉलिसी, आंतरिक सुरक्षा, रक्षा व्यवस्था और राजनीतिक ढांचे पर व्यापक नियंत्रण मिल गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कदम के बाद पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी बीच सिंध के प्रख्यात नेता और जेय सिंध मुत्ताहिदा महाज (JSMM) के चेयरमैन शफी बुरफत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत चिट्ठी लिखकर दुनिया का ध्यान पाकिस्तान की अस्थिर राजनीतिक-सैन्य संरचना की ओर खींचा है। फ्रैंकफर्ट से भेजे गए इस पत्र में उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान “कट्टरपंथी सैन्य तंत्र” के हाथों में चला गया है, और असीम मुनीर को परमाणु हथियारों का पूर्ण नियंत्रण देना पूरे क्षेत्र के लिए “सीधा खतरा” है...