Thursday, May 14

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असीम मुनीर बने पाकिस्तान के ‘सुपर आर्मी चीफ’, सिंधी नेता शफी बुरफत की पीएम मोदी को चिट्ठी—‘परमाणु हथियार खतरे में’

इस्लामाबाद/नई दिल्ली: पाकिस्तान की संसद ने संविधान में बड़ा संशोधन करते हुए सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) बना दिया है। इस पद के साथ मुनीर को पाकिस्तान की नेशनल पॉलिसी, आंतरिक सुरक्षा, रक्षा व्यवस्था और राजनीतिक ढांचे पर व्यापक नियंत्रण मिल गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कदम के बाद पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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इसी बीच सिंध के प्रख्यात नेता और जेय सिंध मुत्ताहिदा महाज (JSMM) के चेयरमैन शफी बुरफत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत चिट्ठी लिखकर दुनिया का ध्यान पाकिस्तान की अस्थिर राजनीतिक-सैन्य संरचना की ओर खींचा है। फ्रैंकफर्ट से भेजे गए इस पत्र में उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान “कट्टरपंथी सैन्य तंत्र” के हाथों में चला गया है, और असीम मुनीर को परमाणु हथियारों का पूर्ण नियंत्रण देना पूरे क्षेत्र के लिए “सीधा खतरा” है।

“पाकिस्तान खतरनाक अस्थिरता में धकेला जा रहा है” — बुरफत

सिंधी नेता ने अपने पत्र में लिखा:
“यह केवल राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि मानवता के लिए अलार्म है। पाकिस्तान का चरमपंथी सैन्य ढांचा पड़ोसी देशों, क्षेत्रीय स्थिरता और पूरी मानवता को खतरे में डाल रहा है।”

बुरफत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान का सैन्य-इस्लामी ढांचा सिंध, बलूचिस्तान और अन्य दबे-कुचले समुदायों पर अत्याचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि असीम मुनीर को परमाणु शस्त्रागार की कमान सौंपकर पाकिस्तान ने साबित कर दिया है कि वह जिम्मेदार राष्ट्र नहीं है।

मोदी को लिखी अपील: “सिंध को बचाइए, हम आजादी चाहते हैं”

चिट्ठी में बुरफत ने पीएम मोदी से कहा:
“आपकी नेतृत्व क्षमता लाखों बेगुनाहों की जान बचा सकती है। सिंधी राष्ट्र पाकिस्तानी गुलामी को अस्वीकार करता है। हम अपनी सभ्यता—मोहनजोदड़ो की धरती—के सम्मान और स्वतंत्रता के लिए लड़ रहे हैं।”

उन्होंने भारत को “सभ्यता, न्याय और लोकतंत्र की भूमि” बताते हुए भरोसा जताया कि भारत उन राष्ट्रों के साथ खड़ा रहेगा जो कट्टरपंथी अत्याचार से मुक्ति चाहते हैं।

“परमाणु हथियारों का लापरवाह रवैया दुनिया के लिए खतरा”

पत्र में आगे चेतावनी दी गई:
“जब तक पाकिस्तान का कट्टरपंथ, आतंकवाद और गैर-जिम्मेदार न्यूक्लियर रवैया खत्म नहीं होगा, तब तक दक्षिण एशिया में स्थिरता संभव नहीं है। सभ्य दुनिया को इस जहरीले ढांचे को चुनौती देनी ही होगी।”

क्षेत्र में बढ़ी सनसनी

पाकिस्तान में यह संवैधानिक संशोधन ऐसे समय में हुआ है जब देश आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और अंदरूनी विद्रोह से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि CDF के रूप में असीम मुनीर अब पाकिस्तान की फौज, खुफिया एजेंसियों और परमाणु कार्यक्रम पर लगभग असीमित नियंत्रण रखेंगे।
क्षेत्रीय विशेषज्ञ चेताते हैं कि पाकिस्तान की यह नई शक्ति-संरचना पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है।

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