जीआई टैग मिलते ही ‘मर्चा चूड़ा’ ने मचाया गर्दा मकर संक्रांति पर रिकॉर्ड मांग, दिल्ली–मुंबई तक फैली पश्चिम चंपारण के स्वाद की धूम
पटना।
बिहार के पश्चिम चंपारण की पहचान बन चुका मर्चा चूड़ा अब सिर्फ स्थानीय स्वाद नहीं रहा। जीआई टैग मिलने के बाद इस पारंपरिक चूड़े ने देशभर में अपनी खुशबू और स्वाद का डंका बजा दिया है। मकर संक्रांति के मौके पर इसकी मांग ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई है और दिल्ली, मुंबई, गुजरात से लेकर हैदराबाद तक लोग इसे खास तौर पर मंगवा रहे हैं।
जीआई टैग ने बदली मर्चा चूड़ा की किस्मत
नवंबर 2023 में मर्चा चावल को भौगोलिक संकेतक (GI Tag) मिलने के बाद से इसकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है। पश्चिम चंपारण के रामनगर, गौनाहा, मैनाटांड, चनपटिया, नरकटियागंज और लौरिया क्षेत्रों में उगने वाला यह सुगंधित धान अब वैश्विक बाजार में भी चर्चा का विषय बन गया है। मकर संक्रांति के दौरान दही-गुड़ के साथ मर्चा चूड़ा लोगों की पहली पसंद बन चुका है।
मकर संक्रांति में ‘जो मांगो,...









