क्या तमिलनाडु सरकार अदालत पर दबाव बनाना चाहती है? मंदिर के पक्ष में फैसले पर जज के खिलाफ महाभियोग की कोशिश पर सवाल
नई दिल्ली। मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस जी. आर. स्वामीनाथन के एक फैसले के बाद उनके खिलाफ संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने की पहल ने देश की न्यायिक और राजनीतिक व्यवस्था को झकझोर दिया है। विपक्षी दलों द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल अभूतपूर्व है, बल्कि इसे न्यायपालिका पर राजनीतिक और वैचारिक दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में देश के 56 पूर्व न्यायाधीशों ने एक खुला पत्र जारी कर इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक करार दिया है।
तीन अहम पहलू
इस पूरे विवाद के तीन प्रमुख पहलू सामने आते हैं—पहला, जस्टिस स्वामीनाथन द्वारा दिया गया फैसला और उसकी पृष्ठभूमि।दूसरा, तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी से जुड़ा ऐतिहासिक और धार्मिक विवाद।तीसरा, महाभियोग प्रस्ताव के पीछे की राजनीतिक सोच और विचारधारा।
न्यायमूर्ति स्वामीनाथन ने 1 दिसंबर को तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित अर...










