Saturday, March 7

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एक्सक्लूसिव इंटरव्यू: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों पर पहली बार शेख हसीना ने तोड़ी चुप्पी, चुनाव और द्विपक्षीय रिश्तों पर कही ये बड़ी बातें
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एक्सक्लूसिव इंटरव्यू: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों पर पहली बार शेख हसीना ने तोड़ी चुप्पी, चुनाव और द्विपक्षीय रिश्तों पर कही ये बड़ी बातें

  नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने लंबे समय बाद पहली बार बांग्लादेश के मौजूदा राजनीतिक हालात और अल्पसंख्यकों की दुर्दशा पर खुलकर बात की। नवभारत टाइम्स से खास बातचीत में उन्होंने चुनाव, द्विपक्षीय संबंधों और राजनीतिक उत्पीड़न पर अपनी चिंता व्यक्त की।       तारिक रहमान की वापसी पर शेख हसीना का बयान   शेख हसीना ने कहा कि BNP अध्यक्ष बने तारिक रहमान लंबे समय तक लंदन में निर्वासित रहे और आम लोगों की समस्याओं से दूर रहे। उन्होंने अपनी माँ और पूर्व पीएम खालिदा जिया के कथित भ्रष्टाचार में भूमिका निभाई। BNP ने अपने शॉर्ट टर्म हितों के लिए कट्टरपंथियों से करीबी दिखाई, जिससे लोकतांत्रिक विकल्पों का नुकसान हुआ।       फरवरी चुनाव की संभावनाएं   शेख हसीना ने चुनाव को केवल नाम के चुनाव करार दिया। उनका कहना है कि मौजूदा सरका...
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जहाज छोड़कर समुद्र में कूद जाते थे नाविक, प्रचंड पचासा की दहाड़ से क्यों मचती अफरा-तफरी

      नई दिल्ली: समुद्र और हवाओं के रहस्य आज भी रोमांचित करते हैं। 'प्रचंड पचासा' (Furious Fifties) नामक यह मौसमी घटना दक्षिणी गोलार्ध के खुल्ले महासागरों में 50° से 60° दक्षिण अक्षांशों के बीच होती है। यह बेहद तेज़ और दहाड़ती हुई पछुआ पवन (Westerlies) होती हैं, जिनकी रफ्तार इतनी अधिक होती थी कि पुराने समय के नाविक कभी-कभी अपनी नौकाएं छोड़कर समुद्र में कूद जाते थे।   प्रचंड पचासा की विशेषताएं   ये हवाएं महासागरों में पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं। दक्षिणी गोलार्ध में उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर बहने वाली ये हवाएं गरजती और बरसती हुई चलती हैं। नाविकों ने इन्हें प्रचंड पचासा इसलिए नाम दिया, क्योंकि ये अत्यधिक शोर करती हैं और नौकायन के लिए खतरनाक होती हैं।   गति और ताकत   विशाल महासागरों में इन हवाओं की गति लगातार बढ़ती जाती है। 50° से 6...
‘वंदे मातरम’ को भी मिलेगा राष्ट्रगान जैसा प्रोटोकॉल, सरकार ने की तैयारी राष्ट्रीय गीत के सम्मान और गायन के लिए प्रस्तावित नियमों पर हाई-लेवल बैठक
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‘वंदे मातरम’ को भी मिलेगा राष्ट्रगान जैसा प्रोटोकॉल, सरकार ने की तैयारी राष्ट्रीय गीत के सम्मान और गायन के लिए प्रस्तावित नियमों पर हाई-लेवल बैठक

      नई दिल्ली: सरकार 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान दर्जा देने की तैयारी कर रही है। इसी सिलसिले में हाल ही में गृह मंत्रालय में एक हाई-लेवल बैठक हुई, जिसमें इस राष्ट्रीय गीत के गायन नियम और प्रोटोकॉल पर चर्चा की गई।   बैठक में क्या तय हुआ?   वरिष्ठ अधिकारियों ने विचार किया कि 'वंदे मातरम' को कब और कैसे गाया जाना चाहिए। यह भी तय किया कि क्या इसे राष्ट्रगान के साथ या स्वतंत्र रूप से गाया जा सकता है। अपमान या अनादर की स्थिति में कानूनी प्रावधान लागू किए जाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।   ऐतिहासिक और संवैधानिक संदर्भ   'वंदे मातरम' को 1870 के दशक में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था। यह गीत 1905-08 के स्वदेशी आंदोलन के दौरान नारा बन गया और स्वतंत्रता संग्राम से गहराई से जुड़ा।   हालांकि, राष्ट्रगान 'जन गण मन' को संपूर्ण ...
विशेषज्ञों का आरोप: 30 दिन की गिरफ्तारी के बाद पद से हटाने का प्रावधान राजनीतिक दुरुपयोग का रास्ता खोल सकता है
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विशेषज्ञों का आरोप: 30 दिन की गिरफ्तारी के बाद पद से हटाने का प्रावधान राजनीतिक दुरुपयोग का रास्ता खोल सकता है

      नई दिल्ली: नए भ्रष्टाचार विरोधी बिल को लेकर कानूनी विशेषज्ञों और दो प्रमुख लॉ विश्वविद्यालयों ने गंभीर आशंका जताई है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री को गंभीर आपराधिक आरोपों में केवल 30 दिन की गिरफ्तारी के बाद पद से हटाना राजनीतिक बदले की कार्रवाई का जरिया बन सकता है।   विशेषज्ञों ने उजागर की कमियां   विधि सेंटर फॉर लीगल पॉलिसी, नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) ओडिशा और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिकल साइंसेज (NUJS), कोलकाता के प्रतिनिधियों ने संसदीय समिति के समक्ष यह कहा कि बिल में कई खामियां हैं।   बिल जनता की इच्छा के खिलाफ भी जा सकता है। पद से हटाने के लिए 'आरोप तय होने' का आधार होना चाहिए, जिससे न्यायिक प्रक्रिया जुड़ सके। वर्तमान कानून के तहत गंभीर अपराध में पुलिस आरोपी को 90 दिनों तक हिरासत में रख सकती है, जबकि बिल में 30 ...
आज का मौसम 24 जनवरी: 8 राज्यों में बारिश-तूफान का अलर्ट, दिल्ली से कश्मीर तक बढ़ेगी ठंड
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आज का मौसम 24 जनवरी: 8 राज्यों में बारिश-तूफान का अलर्ट, दिल्ली से कश्मीर तक बढ़ेगी ठंड

      नई दिल्ली: सर्दी ने लोगों को पहले ही परेशान कर रखा है और अब बारिश और तूफान ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिल्ली-NCR सहित कई राज्यों में बारिश के बाद ठंड और बढ़ गई है। राजस्थान जैसे मैदानी इलाकों में शीतलहर का असर है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने 24 जनवरी को 8 राज्यों में भारी बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया है।   8 राज्यों में अलर्ट: तेज हवाओं के साथ बारिश-तूफान   मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, केरल, लद्दाख और तमिलनाडु में आज भीषण बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। हवाओं की रफ्तार 55-60 किमी/घंटा तक रहने का अनुमान है। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में 26 जनवरी को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।   उत्तर भारत के 12 जिलों में शीतलहर की च...
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बांग्लादेश में चरमपंथियों को शह देने का नतीजा: शेख हसीना ने युनूस प्रशासन पर साधा निशाना पूर्व पीएम का आरोप: तुष्टिकरण और अल्पसंख्यकों पर हमलों ने द्विपक्षीय संबंधों को किया प्रभावित

    नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत-बांग्लादेश संबंधों में आई खटास का ठीकरा युनूस प्रशासन पर फोड़ा है। एनबीटी से खास बातचीत में हसीना ने कहा कि बांग्लादेश में भारतीय मिशनों पर घेराबंदी, प्रदर्शन और राजनयिक प्रतिनिधियों को डराने-धमकाने की घटनाओं को नजरअंदाज किया गया। उनका कहना है कि कट्टरपंथियों को शह देने और तुष्टिकरण की नीति ने मौजूदा माहौल बनाया, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचा।   युनूस प्रशासन और अल्पसंख्यकों की चिंता   हसीना ने बताया कि युनूस प्रशासन के तहत बांग्लादेश के विविधतापूर्ण समाज को चुनौती मिल रही है। हिंदू, बौद्ध, ईसाई और अहमदी मुसलमान समुदायों के खिलाफ लगातार चिंता जनक घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि फरवरी में होने वाले संसदीय चुनाव भी लोकतांत्रिक विकल्पों से रहित हैं और केवल “नाम के चुनाव” बनकर रह गए...
AI से रिश्ते: अकेलेपन में सहारा या खतरे की घंटी? अकेलेपन से जूझ रहे लोग चैटबॉट्स और AI की ओर क्यों हो रहे हैं आकर्षित
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AI से रिश्ते: अकेलेपन में सहारा या खतरे की घंटी? अकेलेपन से जूझ रहे लोग चैटबॉट्स और AI की ओर क्यों हो रहे हैं आकर्षित

    क्या आपने कभी तनाव, अकेलेपन या उलझन के क्षणों में किसी AI चैटबॉट से बातचीत की है? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं। आज लाखों लोग अपने मन की बात कहने, भावनात्मक सहारा पाने और अकेले समय को भरने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की ओर रुख कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति विशेष रूप से युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों में तेज़ी से बढ़ रही है।   AI: बिना सवाल के संवेदनशील साथी   AI-आधारित सिस्टम्स उपयोगकर्ता की भाषा, मूड और भावनात्मक संकेतों के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं। वे न सवाल पूछते हैं, न आलोचना करते हैं और न ही दूरी बनाते हैं। यही सहजता और लगातार उपलब्धता उन्हें कई बार वास्तविक मानवीय रिश्तों का विकल्प बना देती है।   जापान की कानो की कहानी इस बदलते यथार्थ का मार्मिक उदाहरण है। टूटे हुए रिश्ते और गहरे भावनात्मक आघात के बाद उन्होंने ChatGPT को अपना सहारा बनाया। शुरू में यह...
‘नेशनल सिक्योरिटी का मतलब सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि जनता और विचारधारा की सुरक्षा भी’ : JNU में CDS अनिल चौहान का जोरदार संदेश
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‘नेशनल सिक्योरिटी का मतलब सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि जनता और विचारधारा की सुरक्षा भी’ : JNU में CDS अनिल चौहान का जोरदार संदेश

नई दिल्ली: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा और इतिहास पर अपने विचार साझा किए। जनरल चौहान ने कहा कि आज की बदलती और अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों में नेताजी की आक्रामक कूटनीति और यथार्थवादी दृष्टिकोण आज भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बताया कि नेताजी ने भारत की आजादी के लिए एक सरकार बनाई, सेना तैयार की, हमलों की योजना बनाई, समझौते किए और सेना के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की। उनके अनुसार यह दिखाता है कि राजनीतिक सोच, कुशल कूटनीति और सैन्य कार्रवाई आपस में कितनी गहराई से जुड़ी हुई थीं। सीडीएस ने INA (इंडियन नेशनल आर्मी) की उपलब्धियों और योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा, “INA ने स्वतंत्रता संग्राम में सबसे अधिक नुकसान झेला। इसे अब त...
‘आएं न आएं कोई फर्क नहीं पड़ता’: कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित का शशि थरूर पर हमला
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‘आएं न आएं कोई फर्क नहीं पड़ता’: कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित का शशि थरूर पर हमला

  केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल न होने के शशि थरूर के फैसले को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने उन पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पूर्वी दिल्ली के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने न्यूज एजेंसी एआईएनएस से बातचीत में कहा, “केरल में कांग्रेस के जितने भी मजबूत और प्रासंगिक नेता हैं, वे सभी बैठक में शामिल हो रहे हैं। जो कांग्रेस के लिए प्रासंगिक नहीं हैं और बड़े नेता नहीं माने जाते, उनका आने या न आने से कोई फर्क नहीं पड़ता।” थरूर के कांग्रेस में अपनी मौजूदा स्थिति को लेकर असंतुष्ट होने की चर्चाएं लंबे समय से हैं। खबरों के अनुसार, कोच्चि यात्रा के दौरान राहुल गांधी से मुलाकात न होने पर थरूर नाराज थे। इसी कारण उन्होंने केरल की बैठक में भाग लेने के बजाय केरल लिटरेचर फेस्टिवल में हिस्सा लेने का निर्णय लिया। शशि थ...
‘क्या बिगाड़ लिया मेरा, सुप्रीम कोर्ट से आदेश ले आया’ CJI सूर्यकांत ने झारखंड हाईकोर्ट वकील की याचिका खारिज की, कहा – जाइए और माफी मांगिए
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‘क्या बिगाड़ लिया मेरा, सुप्रीम कोर्ट से आदेश ले आया’ CJI सूर्यकांत ने झारखंड हाईकोर्ट वकील की याचिका खारिज की, कहा – जाइए और माफी मांगिए

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील महेश तिवारी की याचिका खारिज कर दी। वकील ने आपराधिक अवमानना की कार्यवाही रद्द करने का अनुरोध किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश दिया। इस मामले में मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने न्यायिक कार्यवाही में बाधा डालने का कोई इरादा नहीं रखा था और अब वह अत्यंत पश्चातापी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि वे माफी पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करें। मामले का हाल 16 अक्टूबर 2025 को झारखंड हाईकोर्ट की कोर्ट नंबर 24 में महेश तिवारी द्वारा कार्यवाही बाधित करने की घटना हुई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद पांच न्यायाधीशों की पीठ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए अवमानना का मामला दर्ज किया। CJI सूर्यकांत...