Gen Z ध्यान दें: ये आदतें छोड़ें, वरना बढ़ेगा वजन और बिगड़ेगा स्वास्थ्य डॉ. प्रताप चौहान, आयुर्वेदाचार्य, जीव आयुर्वेद
आज की पीढ़ी, यानी जनरेशन Z (1997–2012 में जन्मी), अपने रहन-सहन और खाने-पीने की आदतों में पिछली पीढ़ी से काफी अलग है। रात में सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, समय पर खाना छोड़ देना या ऊर्जा के लिए कॉफी पर निर्भर रहना अब आम हो गया है। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, ये आदतें हॉर्मोन, मेटाबॉलिज्म और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।
रात और शरीर की घड़ी का संबंध
आयुर्वेद में दिनचर्या को अत्यंत महत्व दिया गया है। शरीर को नियमित समय पर आराम की आवश्यकता होती है। लगातार देर रात जागने से कर्टिसोल बढ़ता है, इंसुलिन सेंसिटिविटी घटती है, थकान और बेचैनी होती है, और भूख का संतुलन बिगड़ता है। धीरे-धीरे यह वजन बढ़ने, डायजेशन धीमा होने और फैट मेटाबॉलिज्म कम होने जैसी समस्याएं पैदा करता है।
मानसिक बर्नआउट सिर्फ मन की समस्या नहीं
आयुर्वेद के अनुसार बर्नआउट पूरे सिस्टम की समस्या है। लगातार मेंटल दबाव में...









