Thursday, January 22

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Gen Z ध्यान दें: ये आदतें छोड़ें, वरना बढ़ेगा वजन और बिगड़ेगा स्वास्थ्य डॉ. प्रताप चौहान, आयुर्वेदाचार्य, जीव आयुर्वेद
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Gen Z ध्यान दें: ये आदतें छोड़ें, वरना बढ़ेगा वजन और बिगड़ेगा स्वास्थ्य डॉ. प्रताप चौहान, आयुर्वेदाचार्य, जीव आयुर्वेद

आज की पीढ़ी, यानी जनरेशन Z (1997–2012 में जन्मी), अपने रहन-सहन और खाने-पीने की आदतों में पिछली पीढ़ी से काफी अलग है। रात में सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, समय पर खाना छोड़ देना या ऊर्जा के लिए कॉफी पर निर्भर रहना अब आम हो गया है। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार, ये आदतें हॉर्मोन, मेटाबॉलिज्म और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं। रात और शरीर की घड़ी का संबंध आयुर्वेद में दिनचर्या को अत्यंत महत्व दिया गया है। शरीर को नियमित समय पर आराम की आवश्यकता होती है। लगातार देर रात जागने से कर्टिसोल बढ़ता है, इंसुलिन सेंसिटिविटी घटती है, थकान और बेचैनी होती है, और भूख का संतुलन बिगड़ता है। धीरे-धीरे यह वजन बढ़ने, डायजेशन धीमा होने और फैट मेटाबॉलिज्म कम होने जैसी समस्याएं पैदा करता है। मानसिक बर्नआउट सिर्फ मन की समस्या नहीं आयुर्वेद के अनुसार बर्नआउट पूरे सिस्टम की समस्या है। लगातार मेंटल दबाव में...
हीटर छोड़ो… बस दो चीजें बिछाओ और कमरा रहेगा गर्म, बिजली भी बचेगी
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हीटर छोड़ो… बस दो चीजें बिछाओ और कमरा रहेगा गर्म, बिजली भी बचेगी

कड़ाके की ठंड में सुबह-सुबह नंगे पैर ठंडे फर्श पर पड़ते ही पूरे शरीर में सिहरन दौड़ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सही कालीन और रग्स बिछाने से कमरे को प्राकृतिक रूप से गर्म रखा जा सकता है और हीटर पर निर्भरता कम हो सकती है? घर की गर्माहट को बनाए रखने में सबसे बड़ी बाधा फर्श की ठंडक है। खिड़कियों से आने वाली ठंडी हवा को पर्दे रोक सकते हैं, लेकिन असली ठंड फर्श में होती है। ऐसे में कालीन और रग्स न केवल कमरे को सजाते हैं, बल्कि पैरों और फर्श के बीच थर्मल परत बनाकर गर्मी को रोकते हैं। फर्श का तापमान कैसे कंट्रोल करें कालीन सिर्फ पैरों को नरम नहीं बनाते, बल्कि थर्मल इंसुलेशन का काम करते हैं। इनमें मौजूद रेशों के बीच छोटे-छोटे हवाई पॉकेट गर्मी को बाहर निकलने से रोकते हैं। लकड़ी या पत्थर का फर्श जल्दी ठंडा हो जाता है और कमरे की गर्मी को खींच लेता है। कालीन बिछाने पर कमरे की गर्माहट लंबे समय...
तनाव-चिंता में हूं, कैसे बाहर निकलूं? प्रेमानंद महाराज ने बताए 6 तरीके, मुश्किल घड़ी में भी रहेंगे खुश
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तनाव-चिंता में हूं, कैसे बाहर निकलूं? प्रेमानंद महाराज ने बताए 6 तरीके, मुश्किल घड़ी में भी रहेंगे खुश

आज के दौर में चिंता और तनाव जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। तेज रफ्तार जिंदगी, बढ़ती जिम्मेदारियां और भविष्य की अनिश्चितताएं मन को बेचैन कर देती हैं। बाहर सब कुछ ठीक लगता है, लेकिन अंदर डर, उलझन और नकारात्मक विचार चल रहे होते हैं। ऐसे में मानसिक शांति पाने का सबसे बड़ा रास्ता है—मन को सही दिशा देना। चिंता और तनाव का शरीर पर असर: तनाव केवल मानसिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, यह धीरे-धीरे शरीर को भी प्रभावित करता है। लगातार तनाव से नींद में खलल, चिड़चिड़ापन, थकान, पेट और हृदय संबंधी समस्याएं, उच्च रक्तचाप और कमजोर इम्यून सिस्टम जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इससे आत्मविश्वास घटता है और सोचने-समझने की क्षमता भी प्रभावित होती है। शरीर से ज्यादा मन को मजबूत करना जरूरी: प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि अक्सर हम भूल जाते हैं कि शरीर बीमार हो सकता है, लेकिन अगर मन स्वस्थ है तो जीवन आनंदमय रह सकता है। शर...
मोटी स्वेटर पहनने के बाद भी क्यों लगती है ठंड? इन 6 बातों का नहीं रखा ध्यान तो बर्फीली हवाएं बन जाएंगी आफत
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मोटी स्वेटर पहनने के बाद भी क्यों लगती है ठंड? इन 6 बातों का नहीं रखा ध्यान तो बर्फीली हवाएं बन जाएंगी आफत

सर्दियों में ठंड से बचाव के लिए मोटी स्वेटर पहनना आम तरीका है। लेकिन कई बार स्वेटर पहनने के बावजूद शरीर को गर्मी का अहसास नहीं होता। इसका कारण केवल मोटी कपड़े पहनना नहीं, बल्कि सही स्वेटर और पहनने के तरीके का ध्यान न रखना होता है। स्वेटर पहनने के बाद भी ठंड लगने के मुख्य कारण: गलत कपड़े का चयन: बाजार में कई तरह की स्वेटर मिलती हैं। 100% कॉटन की स्वेटर गर्मी बनाए रखने में असफल रहती है। पतली या बड़ी होल वाली स्वेटर भी हवा आरपार कर देती है। लूज स्वेटर पहनने से भी शरीर ठंड महसूस करता है। पुरानी स्वेटर का इस्तेमाल: बार-बार धोने से ऊन के रेशे ढीले और पतले हो जाते हैं, जिससे हवा अंदर और बाहर आसानी से जा सकती है। इसलिए पुरानी घिसी हुई स्वेटर गर्मी बनाए रखने में सक्षम नहीं रहती। ऊनी स्वेटर ही बेहतर विकल्प: ऊन प्राकृतिक इंसुलेशन प्रदान करती है। इसके रेशों में हवा रोकी जाती है, जिससे श...
2 इंच अदरक के टुकड़े में मिलाएं ये 3 चीजें, चमकेगा चेहरा और मजबूत होंगे बाल, 1 हफ्ते में दिखेगा असर
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2 इंच अदरक के टुकड़े में मिलाएं ये 3 चीजें, चमकेगा चेहरा और मजबूत होंगे बाल, 1 हफ्ते में दिखेगा असर

आजकल त्वचा और बालों की समस्याएं आम हो गई हैं। कई लोग इनसे निपटने के लिए महंगे स्किन और हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अक्सर ये उत्पाद शुरुआत में लाभ पहुंचाने के बाद लंबे समय में नुकसान भी कर सकते हैं। चेहरे पर लालिमा, मुंहासे, सूजन और बालों का झड़ना जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि स्किन और बालों की देखभाल कैसे की जाए? इसी समस्या का हल पेश किया गया है एक आसान और प्राकृतिक मॉर्निंग ड्रिंक के रूप में। इंस्टाग्राम पर @journey_with_sweta नाम की कंटेंट क्रिएटर ने इसे अपनाने का सुझाव दिया है। उन्होंने बताया कि यह ड्रिंक रोजाना सेवन करने पर चेहरे की चमक बढ़ाता है और बालों को जड़ों से मजबूत बनाता है। नुस्खे में इस्तेमाल होने वाली सामग्री: चुकंदर आंवला अदरक करी पत्ते (मात्रा आवश्यकता अनुसार तय करें) बनाने की विधि: चुकंदर, आंवला और अदरक को ...
खराब नारियल फेंकने की मत करें गलती, ये तरकीब बनाये दोबारा नए जैसा
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खराब नारियल फेंकने की मत करें गलती, ये तरकीब बनाये दोबारा नए जैसा

  नारियल का इस्तेमाल घरों में पूजा-पाठ से लेकर रसोई में पकवान बनाने तक खूब होता है। अक्सर देखा जाता है कि रखे-रखे नारियल पर सफेद फंगस जमने लगता है या उसका रंग बदल जाता है। ज्यादातर लोग इसे 'खराब' समझकर फेंक देते हैं, लेकिन वैनिसा की खास तरकीब से इसे दोबारा बिल्कुल नए जैसा बनाया जा सकता है। सोडा और गर्म पानी का घोल सबसे पहले एक बर्तन में एक बड़ा चम्मच मीठा सोडा डालें और इसमें थोड़ा गर्म पानी मिलाकर अच्छी तरह घोल लें। बेकिंग सोडा प्राकृतिक क्लींजिंग एजेंट है, जो फंगस और बैक्टीरिया को जड़ से हटाने में मदद करता है। सावधानी से सफाई करें एक साफ किचन टॉवेल या सूती कपड़ा इस सोडे वाले पानी में डुबोएं। गर्म कपड़े से नारियल की सतह को रगड़ें, खासकर जहां फंगस दिख रही हो। सावधान रहें, क्योंकि पानी गर्म होता है। रंग बदलने से न घबराएं सफाई के दौरान नारियल का रंग बदल सकता है। वैनिसा के अनुसार, यह ...
महिला ने खुद से ली अबॉर्शन पिल, पूरे शरीर में फैला जहर, किडनी हुई डैमेज, डॉक्टर बोलीं—‘जान पर मत खेलिए’
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महिला ने खुद से ली अबॉर्शन पिल, पूरे शरीर में फैला जहर, किडनी हुई डैमेज, डॉक्टर बोलीं—‘जान पर मत खेलिए’

गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. समरा मसूद ने चेताया है कि अबॉर्शन पिल लेने से पहले हमेशा डॉक्टर से परामर्श करना बेहद जरूरी है। बिना मेडिकल सलाह के इन गोलियों का सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। हाल ही में सामने आया एक मामला इसके गंभीर परिणाम दिखाता है। एक महिला ने अनचाही प्रेग्नेंसी खत्म करने के लिए अबॉर्शन पिल खुद से ली, जिससे उसके पूरे शरीर में जहर फैल गया और किडनी खराब हो गई। अब उसे जिंदगी भर दवाइयां लेनी होंगी। क्या हुआ मामला? महिला ने तीन महीने के भीतर चार बार अबॉर्शन पिल ली। पहली बार पिल लेने के बाद उसे बहुत अधिक ब्लीडिंग हुई, जिससे शरीर में खून की कमी हो गई। कुछ दिनों बाद ब्लीडिंग नियंत्रित हुई, लेकिन हल्की ब्लीडिंग अगले पंद्रह दिन तक जारी रही। महिला ने सोचा कि शायद अबॉर्शन पूरी तरह नहीं हुआ है और दोबारा पिल ले ली। इस प्रक्रिया से उसका स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित हुआ और उसे ...
अमेरिका ने मानी हमारे पूर्वजों की बात, अब दूध-मलाई खाकर बनेगा तगड़ा, ट्रंप ने अमेरिकन डाइट में किए ये बदलाव
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अमेरिका ने मानी हमारे पूर्वजों की बात, अब दूध-मलाई खाकर बनेगा तगड़ा, ट्रंप ने अमेरिकन डाइट में किए ये बदलाव

अमेरिकी सरकार हर पांच साल में अपनी डाइटरी गाइडलाइन्स फॉर अमेरिकन्स को अपडेट करती है, ताकि अपने नागरिकों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सके। 2025-2030 के अपडेट में इस बार एक बड़ा बदलाव देखा गया है। अब अमेरिकियों को फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स, यानी मलाई वाला दूध, खाने की सलाह दी गई है। यह वही तरीका है जिसे हमारे पूर्वज सदियों से अपनाते आए हैं। पश्चिमी देशों में आमतौर पर लो-फैट दूध को प्राथमिकता दी जाती रही है, लेकिन ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन ने इसे बदलने का निर्णय लिया। नई गाइडलाइन में प्रोटीन, हेल्दी फैट, रियल फूड और प्रोसेस्ड कार्ब्स पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें व्होल मिल्क समेत फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स शामिल हैं। हालांकि, दिल के मरीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर या डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है। क्यों बदलनी पड़ी डाइटरी गाइडलाइन? ट्रंप सरकार के ...
कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की पत्नी शिप्रा ने साड़ी में किया जलवा, भरे पंडाल में सबका दिल जीता
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कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की पत्नी शिप्रा ने साड़ी में किया जलवा, भरे पंडाल में सबका दिल जीता

कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने 5 दिसंबर को शादी के बंधन में बंधे, और उनकी पत्नी शिप्रा की खूबसूरती देखकर सभी हैरान रह गए। हाल ही में शिप्रा बरसाना में चल रहे श्री गिरधरलाल जी के व्याहुला उत्सव में पहुंचीं, और साड़ी में अपनी सादगी और सुंदरता का लोहा मनवाया। शादी के केवल एक महीने बाद भी नई नवेली दुल्हन शिप्रा के चेहरे पर चमक और मासूमियत जस की तस बनी हुई थी। पूरे उत्सव में उनका लुक सभी का ध्यान खींच रहा था। इंद्रेश महाराज भी अपनी पत्नी की सुंदरता को देखते ही रह गए, और उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। शिप्रा का साड़ी लुक शिप्रा गुलाबी साड़ी पहनकर कार्यक्रम में आईं, जिस पर सुनहरे जरी वर्क का ऑलओवर काम था। उन्होंने साड़ी को सादे प्लीट्स में बांधा और सिर पर लाल शॉल ओढ़ा, जिसके बॉर्डर पर भी खूबसूरती से कढ़ाई की गई थी। माथे पर लाल बिंदी, मांग में सिंदूर और हाथ में चूड़ियां तथा अंगूठी...
बच्चों को अनुशासन सिखाने के 4 गलत तरीके, जो दूर कर सकते हैं माता-पिता से रिश्ता
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बच्चों को अनुशासन सिखाने के 4 गलत तरीके, जो दूर कर सकते हैं माता-पिता से रिश्ता

  हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा अनुशासित रहे और अपनी जिम्मेदारियों को समझे। इसके लिए कभी-कभी सख्ती बरतना ज़रूरी होता है। लेकिन कई बार माता-पिता अनुशासन सिखाने के लिए ऐसे तरीके अपनाते हैं, जो बच्चे के दिल और दिमाग पर नकारात्मक असर डालते हैं। ये तरीके बच्चे को सीखने में मदद नहीं करते, बल्कि उनकी मन में डर और दूरी पैदा कर सकते हैं। आइए जानते हैं वे 4 तरीके जिन्हें अपनाने से बचना चाहिए: बच्चे पर चिल्लाना, डांटना गलत व्यवहार पर बच्चे को चीख-चिल्लाकर या डांटकर सुधारने की कोशिश करना सबसे बड़ा नुकसान करता है। इससे बच्चा डरने लगता है और छोटी-छोटी बातों पर सवाल पूछना या अपनी समस्या बताना बंद कर देता है। कुछ बच्चे इसे दिल से लगा लेते हैं और भविष्य में माता-पिता से दूरी बना लेते हैं। बच्चों पर पाबंदियां लगाना मनपसंद चीजें जैसे- खिलौने, टीवी टाइम, बाहर खेलने या ट्रीट्स से वंचित ...