Tuesday, April 7

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UP Board Exam 2026: एडमिट कार्ड के साथ आधार कार्ड भी अनिवार्य, बिना इसके नहीं मिलेगी परीक्षा में एंट्री
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UP Board Exam 2026: एडमिट कार्ड के साथ आधार कार्ड भी अनिवार्य, बिना इसके नहीं मिलेगी परीक्षा में एंट्री

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के लिए नया नियम लागू किया है। अब परीक्षा केंद्र पर सिर्फ एडमिट कार्ड लेकर जाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि आधार कार्ड की कॉपी भी अनिवार्य होगी। छात्रों को दोनों दस्तावेज दिखाने के बाद ही प्रवेश मिलेगा। नया नियम क्यों जरूरी? बोर्ड अधिकारियों के अनुसार यह कदम फर्जी स्टूडेंट्स और नकल-धोखाधड़ी रोकने के लिए उठाया गया है। आधार कार्ड की अनिवार्यता से परीक्षा प्रक्रिया सुरक्षित और निष्पक्ष बनेगी। पहले से बनी है छात्रों की अपार आईडी छात्रों की अपार आईडी पहले से ही आधार से लिंक है। इस वजह से जिन छात्रों ने अपने आधार को बोर्ड डेटाबेस से जोड़ा हुआ है, उन्हें किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सुरक्षा के और उपाय इस बार परीक्षा में आंसर शीट में हेरफेर और अदला-बदली रोकने के लिए कई नए सुरक्षा फीच...
NABARD Vacancy 2026: ग्रुप बी डेवलपमेंट असिस्टेंट की भर्ती, 17 जनवरी से शुरू होंगे आवेदन
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NABARD Vacancy 2026: ग्रुप बी डेवलपमेंट असिस्टेंट की भर्ती, 17 जनवरी से शुरू होंगे आवेदन

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने ग्रुप बी डेवलपमेंट असिस्टेंट और डेवलपमेंट असिस्टेंट (हिंदी) के पदों पर भर्ती का शॉर्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। आवेदन प्रक्रिया 17 जनवरी 2026 से शुरू होगी और अंतिम तिथि 3 फरवरी 2026 है। इस भर्ती के तहत कुल 162 पद भरे जाएंगे। पद विवरण: पद का नाम: डेवलपमेंट असिस्टेंट / डेवलपमेंट असिस्टेंट (हिंदी) पदों की संख्या: 162 (ग्रुप ‘बी’ विकास सहायक – 159, ग्रुप बी विकास सहायक हिंदी – 03) आवेदन वेबसाइट: www.nabard.org आयु सीमा: 21-35 वर्ष, आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट योग्यता: विकास सहायक: किसी भी विषय में बैचलर डिग्री, न्यूनतम 50% अंक (एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी/एक्स-सर्विसमैन के लिए उत्तीर्ण पर्याप्त) विकास सहायक (हिंदी): बैचलर डिग्री इंग्लिश/हिंदी माध्यम में, पाठ्यक्रम में हिंदी/इंग्लिश इलेक्टिव सब्जेक्ट होना आवश्यक, अ...
जनवरी में ही NCERT को मिलेगा यूनिवर्सिटी का दर्जा, शुरू होंगे 5 नए पीजी कोर्स और मिलेंगे कई फायदे
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जनवरी में ही NCERT को मिलेगा यूनिवर्सिटी का दर्जा, शुरू होंगे 5 नए पीजी कोर्स और मिलेंगे कई फायदे

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) अब जल्द ही डीम्ड यूनिवर्सिटी बन जाएगी। अगले कुछ दिनों में UGC की बैठक में अंतिम मंजूरी मिलने के बाद शिक्षा मंत्रालय द्वारा जनवरी 2026 में नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। 1961 में स्वायत्त संस्था के रूप में स्थापित एनसीईआरटी अब ग्रेजुएशन, पीजी और पीएचडी डिग्री प्रदान करने में सक्षम होगा। NCERT डायरेक्टर प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी के अनुसार, यूनिवर्सिटी बनने के बाद NCERT अन्य देशों के शिक्षण संस्थानों के साथ स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम और प्लेसमेंट की शुरुआत कर सकेगा। यूनिवर्सिटी बनने से छात्रों को क्या फायदे होंगे? एनसीईआरटी के क्षेत्रीय संस्थान अब विभिन्न राज्यों की यूनिवर्सिटी से संबद्ध नहीं होंगे। पढ़ाई, परीक्षा और रिजल्ट का नया शेड्यूल तय होगा, जिससे समय पर परिणाम मिल सकेंगे। पीएचडी कार्यक्रम शुरू होंगे और छात्र अपने रिसर्...
10वीं पास को RBI दे रहा 46,000 रुपए सैलरी, साथ में ढेर सारी सुविधाएं – जानें ऑफिस अटेंडेंट का काम
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10वीं पास को RBI दे रहा 46,000 रुपए सैलरी, साथ में ढेर सारी सुविधाएं – जानें ऑफिस अटेंडेंट का काम

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 500 से अधिक पदों पर ऑफिस अटेंडेंट की भर्ती शुरू कर दी है। इस पद के लिए 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आरबीआई में नौकरी केवल प्रतिष्ठा का विषय नहीं, बल्कि आकर्षक वेतन और बेहतरीन सुविधाओं का अवसर भी है। कितनी है सैलरी आरबीआई ने इस पद के लिए बेसिक पे ₹24,250/- से शुरू किया है। ऑफिस अटेंडेंट की शुरुआती ग्रॉस सैलरी लगभग ₹46,029/- प्रति माह होगी। इसके अलावा 15% HRA, कन्वेंस अलाउंस और अन्य भत्ते भी मिलेंगे। कहाँ-कहाँ हैं पद ऑफिस अटेंडेंट की भर्ती लखनऊ-कानपुर, भोपाल, पटना, चैन्नई, जयपुर, कोलकाता समेत आरबीआई के 14 ऑफिसों के लिए है। आवेदन 4 फरवरी तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं। काम की जिम्मेदारियां इस पद पर कार्यरत कर्मचारियों का मुख्य काम दस्तावेजों की देखभाल, फाइलों का रिकॉर्ड रखना, ऑफिस का सामान इधर-उधर ले जाना, डाक भेजना, डॉक्यूमेंट्स की फोटोकॉपी करना और सीनियर्...
जिस गांव में लड़कियों को पढ़ने की इजाजत नहीं थी… किसान की बेटी ने MPPSC क्रैक कर बनाई डिप्टी कलेक्टर की कुर्सी
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जिस गांव में लड़कियों को पढ़ने की इजाजत नहीं थी… किसान की बेटी ने MPPSC क्रैक कर बनाई डिप्टी कलेक्टर की कुर्सी

मध्‍य प्रदेश के अशोक नगर जिले के छोटे गांव इकोडिया से निकलकर मोना डांगी ने साबित कर दिया कि अगर हौसला मजबूत हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उस गांव में आम तौर पर लड़कियों की पढ़ाई को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी, और 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद उन्हें घर से शादी के लिए तैयार किया जाता था। लेकिन मोना ने अपने सपने और परिवार के सहयोग से इस सोच को चुनौती दी। सरकारी स्कूल से लेकर डिप्टी कलेक्टर तक का सफर मोना ने 12वीं की पढ़ाई मुंगावली के सरकारी स्कूल से पूरी की। इसके बाद इंदौर के महारानी लक्ष्मीबाई कन्या कॉलेज से BSc की डिग्री हासिल की और Political Science में MA किया। कॉलेज के पहले साल से ही उन्होंने MPPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। आर्थिक चुनौतियों को बनाया ताकत मोना के पिता छोटे किसान थे और परिवार में चार भाई-बहन हैं। पैसों की कमी के बावजूद मोना ने पढ़ाई में कभी हार नहीं मानी। तैयारी के दौरान ...
विदेश में MBBS करने का सपना? ईरान-यूक्रेन छोड़ें, भारत के पड़ोस में इन 5 देशों में सस्ती और सुरक्षित पढ़ाई
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विदेश में MBBS करने का सपना? ईरान-यूक्रेन छोड़ें, भारत के पड़ोस में इन 5 देशों में सस्ती और सुरक्षित पढ़ाई

विदेश में मेडिकल की पढ़ाई के लिए सुरक्षित और किफायती देश चुनना अब बेहद जरूरी हो गया है। हाल ही में ईरान और बांग्लादेश में भारतीय मेडिकल छात्रों के लिए हालात खराब हो गए थे। ईरान में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और कम्युनिकेशन की बाधाओं के कारण कई भारतीय छात्र फंसे हुए हैं, जबकि उनके परिवार भी आर्थिक मदद नहीं कर पा रहे। यूक्रेन में जंग के दौरान भी हजारों छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इसलिए अब भारतीय छात्र उन देशों की ओर देख रहे हैं, जो भारत के पड़ोसी हों, फीस कम हो और पढ़ाई की गुणवत्ता अच्छी हो। आइए जानते हैं 5 ऐसे विकल्पों के बारे में: नेपाल नेपाल भारत के सबसे करीबी पड़ोसी देशों में से एक है। यहां की संस्कृति भारत से मिलती-जुलती है और वीजा की आवश्यकता नहीं है। MBBS की फीस 40–60 लाख रुपये के बीच है, जबकि रहने और खाने का खर्च महीने का 10–15 हजार रुपये है। चीन चीन में मेडिकल इं...
H-1B वर्कर्स भारत में फंसे, अमेरिकी कंपनियों का अल्टीमेटम – “अमेरिका लौटो या नौकरी छोड़ दो”
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H-1B वर्कर्स भारत में फंसे, अमेरिकी कंपनियों का अल्टीमेटम – “अमेरिका लौटो या नौकरी छोड़ दो”

अमेरिका में H-1B वीजा पर कार्यरत भारतीय कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। वीजा स्टैम्पिंग में देरी के कारण हजारों H-1B होल्डर्स भारत में फंसे हुए हैं और अब उनकी नौकरी और सैलरी पर खतरा मंडरा रहा है। जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने दिसंबर 2025 से ही वीजा प्रक्रिया में सोशल मीडिया अकाउंट की जांच शुरू कर दी है। इस बदलाव के बाद वीजा अप्वॉइंटमेंट की तारीखें बढ़ गईं और कई वर्कर्स जिनका अपॉइंटमेंट दिसंबर या जनवरी में था, उन्हें अब मार्च-एप्रिल तक इंतजार करना पड़ रहा है। छोटी कंपनियों में संकट: इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, छोटे स्टार्टअप्स में काम करने वाले H-1B वर्कर्स पर नौकरी गंवाने का खतरा ज्यादा है। कई अमेरिकी कंपनियों ने कर्मचारियों को अल्टीमेटम दिया है – या तो पेड लीव खत्म होते ही अमेरिका लौटो या नौकरी से हट जाओ। बड़ी कंपनियां वीजा अपॉइंटमेंट जल्दी कराने की कोशिश कर रही हैं, लेकि...
अमेरिका में पढ़ाई का सपना हुआ मुश्किल, स्टूडेंट वीजा के नियम कड़े होने की तैयारी
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अमेरिका में पढ़ाई का सपना हुआ मुश्किल, स्टूडेंट वीजा के नियम कड़े होने की तैयारी

अमेरिका में अध्ययन के इच्छुक छात्रों के लिए एक बड़ा अपडेट आया है। अब अमेरिका में स्टूडेंट वीजा प्राप्त करना और भी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इसके नियम कड़े किए जाने की योजना बनाई जा रही है। रिपब्लिकन सांसद ब्रैंडन गिल ने हाल ही में “स्टूडेंट वीजा इंटीग्रिटी एक्ट” नामक बिल पेश किया है। इस बिल के तहत विदेशी छात्रों के वीजा प्रोग्राम की निगरानी बढ़ाई जाएगी और वीजा के दुरुपयोग पर रोक लगाने की कोशिश की जाएगी। सांसद का कहना है कि वीजा सिस्टम की कमजोरियों के कारण फ्रॉड और ओवरस्टे के मामले बढ़े हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा भी पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा, “अमेरिका में पढ़ाई करना अधिकार नहीं, बल्कि विशेषाधिकार है। दुर्भाग्यवश, अमेरिकी ड्रीम को लेकर बनाए गए सिस्टम का दुरुपयोग हो रहा है।” बिल के मुख्य प्रावधानों में शामिल हैं: कोर्स की अवधि निश्चित करना: वीजा ओवरस्टे की घटनाओं को रो...
माइनस 40 अंक पर भी मेडिकल पीजी? NEET-PG की नई कट-ऑफ ने खड़े किए योग्यता और मरीजों की सुरक्षा पर सवाल
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माइनस 40 अंक पर भी मेडिकल पीजी? NEET-PG की नई कट-ऑफ ने खड़े किए योग्यता और मरीजों की सुरक्षा पर सवाल

नई दिल्ली। देश में डॉक्टरों की गुणवत्ता और चिकित्सा शिक्षा के स्तर को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा NEET-PG 2025 की न्यूनतम क्वालिफाइंग कट-ऑफ में भारी गिरावट किए जाने के बाद चिकित्सा जगत, छात्रों और आम जनता में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की मंजूरी के बाद NBEMS ने SC, ST और OBC वर्ग के उम्मीदवारों के लिए क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल को 40 से घटाकर शून्य कर दिया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि 800 अंकों की परीक्षा में माइनस 40 अंक पाने वाला उम्मीदवार भी पोस्टग्रेजुएट मेडिकल काउंसलिंग के लिए पात्र माना जाएगा। तीसरे राउंड की काउंसलिंग से लागू होगा फैसला NBEMS के 13 जनवरी 2026 के नोटिस के अनुसार यह संशोधित कट-ऑफ 2025–26 सत्र के तीसरे राउंड की काउंसलिंग पर लागू होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल प...
भारतीय सेना दिवस 2026: 15 जनवरी का ऐतिहासिक महत्व, क्यों मनाया जाता है यह गौरवशाली दिन
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भारतीय सेना दिवस 2026: 15 जनवरी का ऐतिहासिक महत्व, क्यों मनाया जाता है यह गौरवशाली दिन

देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के शौर्य, त्याग और अनुशासन को सम्मान देने के लिए हर वर्ष 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस मनाया जाता है। यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा, उसके बलिदान और राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा को स्मरण करने का अवसर भी है। भारतीय सेना दिवस का इतिहास एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना से जुड़ा है, जिसने स्वतंत्र भारत की सैन्य पहचान को मजबूत किया। क्यों मनाया जाता है 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस? हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 1949 में जनरल के.एम. करिअप्पा ने भारतीय सेना की कमान संभाली थी। उन्होंने अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ जनरल एफ.आर.आर. बुचर से पदभार ग्रहण किया और इस तरह वे स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने। यह घटना भारत के सैन्य इतिहास में एक मील का पत्थर मानी जाती है। एक ऐति...