Friday, May 15

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चलती ट्रेन से छात्रा को धक्का देने वाले आरोपी को मद्रास हाईकोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

चेन्नै: मद्रास हाईकोर्ट ने उस आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है जिसने अक्टूबर 2022 में चेन्नै के सेंट थॉमस माउंट रेलवे स्टेशन पर एक छात्रा को चलती ट्रेन से धक्का दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि दोषी को कम से कम 20 साल जेल में रहना होगा और इस दौरान उसे किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी।

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कोर्ट ने बताया कि आरोपी को मौत की सजा नहीं दी गई क्योंकि उसकी उम्र और सुधार की संभावनाओं पर ध्यान दिया गया। फैसले में आरोपी के मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, जेल के व्यवहार की रिपोर्ट और प्रोबेशन ऑफिसर की रिपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों को ध्यान में रखा गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि अपराध की गंभीरता के बावजूद दोषी का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।

सजा का मकसद सुधार, न कि बदला लेना
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सजा का उद्देश्य सिर्फ अपराध का बदला लेना नहीं बल्कि दोषी के सुधार और पुनर्वास को सुनिश्चित करना है। अदालत ने यह भी कहा कि किसी मामले को ‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’ की श्रेणी में रखने से पहले अपराध की क्रूरता के साथ-साथ आरोपी की सुधार की संभावना, उसकी उम्र और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि को भी परखा जाना चाहिए।

अदालत ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह ‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’ के दायरे में नहीं आता, लेकिन आरोपी को अधिकतम सजा मिलनी चाहिए। कोर्ट ने यह भी माना कि उपलब्ध सबूत यह साबित नहीं करते कि आरोपी सुधार की संभावना नहीं रखता।

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