
वाराणसी: केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ में प्रवासरत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने खिलाफ दर्ज पॉक्सो एक्ट के मुकदमे की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मंगलवार को एक तस्वीर पेश की, जिसमें मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रहाचारी और प्रयागराज के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजय पाल शर्मा केक काटते दिखाई दे रहे हैं। स्वामी का कहना है कि यह जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “जिन बच्चों के शोषण का दावा किया जा रहा है, वे न तो कभी मेरे समक्ष आए और न ही मेरी संस्था से जुड़े। यदि आरोप सत्य हैं तो यह दुर्लभतम श्रेणी का अपराध होगा। दोष सिद्ध होने पर ऐसा दंड मिले जिसकी कल्पना भी न की जा सके। लेकिन यदि आरोप असत्य साबित हों तो आरोप लगाने वालों के खिलाफ भी समान रूप से कठोर कार्रवाई हो।”
स्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि गो-रक्षा अभियान को रोकने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि वे हर प्रकार की जांच के लिए तैयार हैं और पुलिस का सम्मान करते हैं।
कांग्रेस नेताओं का समर्थन
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कार्यकर्ताओं के साथ मठ पहुंचकर स्वामी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस धर्म के लिए संघर्ष करने वालों के साथ खड़ी है और प्रधानमंत्री से अपील की कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गलत कर रहे हैं तो हस्तक्षेप करें। कांग्रेस ने पूरे मामले को लेकर बुधवार को प्रदेश के 75 जिलों में प्रदर्शन की घोषणा की है।
