Tuesday, February 24

29 की उम्र में अर्श से फर्श तक, आज चला रहे ₹33,000 करोड़ की कंपनी: अमीश मेहता की प्रेरक कहानी

नई दिल्ली: देश की अग्रणी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) के सीईओ और एमडी अमीश मेहता का नाम आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। साल 2021 में कंपनी मुश्किल दौर से गुजर रही थी, तब मेहता ने इसकी कमान संभाली। उनकी लीडरशिप में कंपनी ने न सिर्फ आर्थिक मजबूती हासिल की, बल्कि नए कीर्तिमान भी स्थापित किए।

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वित्त वर्ष 2020 में क्रिसिल का रेवेन्यू 1,982 करोड़ रुपये था, जो दिसंबर 2024 तक बढ़कर 3,260 करोड़ रुपये हो गया। इसी दौरान प्रॉफिट 355 करोड़ रुपये से बढ़कर 684 करोड़ रुपये हुआ और मार्केट कैप 13,949 करोड़ रुपये से बढ़कर 33,663.94 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

मुंबई की तंग गलियों से कॉर्पोरेट ऊंचाइयों तक
अमीश मेहता का बचपन मुंबई के माटुंगा इलाके की 275 वर्ग फुट की चॉल में बीता। यहां की कठिनाइयों ने उन्हें अनुशासन और दृढ़ संकल्प सिखाया। उनके परिवार का ऑटो पार्ट्स का छोटा व्यवसाय था, लेकिन मेहता ने खुद का रास्ता चुना। उन्होंने डॉन बॉस्को स्कूल से पढ़ाई की और आर.ए. पोदार कॉलेज से कॉमर्स में उच्च शिक्षा प्राप्त की। एक शिक्षक के सुझाव पर उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंसी का रास्ता अपनाया।

प्रारंभिक करियर में उन्होंने SR Batliboi और सिटीबैंक में काम किया। 29 साल की उम्र में वह एक्सॉनमोबिल वेंचर के CEO बने, लेकिन वेंचर का अधिग्रहण होने के कारण उनका करियर अचानक बाधित हुआ। मेहता कहते हैं, “मुझे अपने करियर में असफलता जल्दी मिली, यह मुझे विनम्र और मजबूत बनाती है। असफलताओं से डरना नहीं चाहिए।”

चुनौतियों में अवसर ढूँढना
क्रिसिल के CEO बनने के बाद मेहता ने कई चुनौतियों का सामना किया—कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिकी टैरिफ और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं। लेकिन मेहता के लिए हर संकट में अवसर था। उन्होंने कहा, “हर चुनौती एक अवसर है। COVID के समय हमने इसे बिजनेस को बेहतर समझने का मौका माना। अब टैरिफ और वैश्विक स्थिति भी नए अवसर दे रही हैं।”

आज अमीश मेहता न केवल कंपनी को सफल बना रहे हैं, बल्कि भविष्य के लिए प्रौद्योगिकी और बौद्धिक संपदा पर बड़ा दांव भी लगा रहे हैं। उनकी कहानी साबित करती है कि संकट और कठिनाइयाँ भी सफलता की सीढ़ियाँ बन सकती हैं।

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