
मुंबई: जाने-माने एक्टर राजपाल यादव हाल ही में तिहाड़ जेल से रिहा हुए हैं। चेक बाउंस केस में बंद रहे राजपाल यादव ने जेल से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने बताया कि अब तक उन्होंने अपना फोन तक नहीं देखा और शुभचिंतकों को व्यक्तिगत तौर पर धन्यवाद नहीं दे पाए हैं।
जेल से रिहाई और आर्थिक समस्या
राजपाल यादव 13 दिन की कैद के बाद रिहा हुए। उन्होंने शिकायतकर्ता को 1.5 करोड़ रुपये चुका कर राहत प्राप्त की। एक्टर ने अपनी डायरेक्टेड फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए 5 करोड़ रुपये की कंपनी इन्वेस्टमेंट डूब जाने के कारण कई चेक बाउंस हो गए थे। साल दर साल कर्ज बढ़कर 9 करोड़ रुपये हो गया। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया, जहाँ कई नामी हस्तियों की मदद से उन्होंने कर्ज चुकाया।
500 से ज्यादा किरदारों में जिया जीवन
राजपाल यादव ने कहा, “मैं 1997 में मुंबई आया था और 2027 में 30 साल पूरे होंगे। मुझे इतना प्यार मिला कि किसी को थैंक्यू कहना भी मुश्किल लगता है। थिएटर, फिल्म और टीवी में निभाए 500 से ज्यादा किरदारों के जरिए मैंने कई जीवन जिए हैं। लोगों की मुस्कान देखकर मैं भी मुस्कुराता रहा हूँ।”
पत्नी राधा का सम्मान
एक्टर ने अपनी पत्नी राधा की तारीफ करते हुए कहा, “मेरी अच्छी किस्मत है कि मेरी पत्नी ने मुझे जीवन में अच्छा व्यवहार करना सिखाया। 2003 में हमारी शादी हुई और अब 23 साल हो गए। मां के बाद उन्होंने मेरे बच्चों की अच्छी परवरिश की और मेरे सपनों को पूरा किया। आने वाली पीढ़ी को उन्होंने शिक्षित किया। इससे बेहतर और क्या हो सकता है।”
सहयोगियों का आभार
राजपाल ने अपने साथी कलाकार नवाजुद्दीन सिद्दीकी का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि सिद्दीकी ने उनके काम और सहयोग को सराहा, और यह उनका बड़प्पन था कि सबके लिए बराबरी का व्यवहार किया।
आगे की कार्रवाई
राजपाल यादव ने बताया कि कोर्ट ने उन्हें जमानत देते समय पासपोर्ट सरेंडर करने और बिना इजाजत देश न छोड़ने का आदेश दिया। 18 मार्च को इस केस की अगली सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही वे अपनी लीगल टीम के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और पूरी बात जनता के सामने रखेंगे।
