
जयपुर, 23 फरवरी 2026: राजस्थान के मुसाफिरों के लिए सोमवार की रात भारी संकट लेकर आने वाली है। प्रदेशभर के 35 हजार निजी बसों के ऑपरेटर्स ने ‘महा-हड़ताल’ का ऐलान किया है। परिवहन विभाग की सख्ती और भारी चालानों के विरोध में यह हड़ताल सोमवार आधी रात 12 बजे से लागू होगी।
इस हड़ताल का सबसे बड़ा असर 15 लाख यात्रियों पर पड़ेगा, जो रोजाना काम या यात्रा के लिए इन बसों पर निर्भर हैं। शादियों का सीजन और पीएम की रैली भी इस आंदोलन से प्रभावित होने की संभावना है।
क्यों भड़के बस ऑपरेटर्स?
राज्यभर के कॉन्ट्रैक्ट कैरिज और निजी बस ऑपरेटर्स ने रविवार को जयपुर में आपात बैठक कर हड़ताल का निर्णय लिया। ऑपरेटर्स का आरोप है कि आरटीओ की कार्रवाई के नाम पर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। उनके बसों की आरसी सस्पेंड की जा रही है और लाखों रुपये के चालान काटे जा रहे हैं।
छत से लगेज करियर हटाने का फरमान
राजस्थान कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि बसों और टैक्सियों की छत से लगेज करियर हटाने का फरमान जारी किया गया है। ग्रामीण इलाकों और लंबी दूरी के यात्रियों के लिए यह सुविधा आवश्यक है।
पीएम रैली और टैक्सी ऑपरेटर्स
ऑपरेटर्स ने अजमेर में प्रस्तावित प्रधानमंत्री की रैली के लिए बसें उपलब्ध कराने से साफ इनकार कर दिया। टैक्सी ऑपरेटर्स ने भी आंदोलन का समर्थन किया है, जिससे शहर में भीतरी आवाजाही भी ठप होने की संभावना है।
हड़ताल से प्रभावित लोग
सीमाओं पर फंसी बसें: गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा और यूपी से राजस्थान आने वाली बसें सीमा पर रुक जाएंगी।
शादियों का संकट: शादी-ब्याह वाले परिवार अब बारात पहुंचाने में मुश्किलों का सामना करेंगे।
मजदूर और छात्र: रोजाना यात्रा करने वाले मजदूर और छात्र अब रोडवेज पर ही निर्भर रहेंगे, जहां पहले से ही भीड़ है।
आंदोलन आगे बढ़ सकता है
निजी बस ऑपरेटर्स ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और परिवहन विभाग उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देंगे, तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन भी हो सकती है। फिलहाल, सोमवार रात से राजस्थान की सड़कें निजी बसों के लिए सूनी होने वाली हैं।
