
जयपुर: गुलाबी नगरी की सड़कों पर अब अवैध पार्किंग करना महंगा पड़ने वाला है। जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने शहर में ‘नो-पार्किंग’ की समस्या और बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए नई और सख्त योजना बनाई है। अब वाहन मालिकों को क्रेन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि उनके वाहनों पर मौके पर ही व्हील लॉक लगाया जाएगा। यह व्यवस्था 26 फरवरी 2026 से पूरे शहर में प्रभावी होगी।
व्हील लॉक खोलने का शुल्क
नए नियमों के अनुसार:
दो-पहिया वाहन: पहली बार पकड़ने पर 100 रुपए, दोबारा गलती होने पर 200 रुपए।
चार-पहिया वाहन: पहली बार लॉक लगने पर 200 रुपए, दोबारा होने पर 400 रुपए।
यह शुल्क केवल व्हील लॉक हटाने के लिए होगा, जबकि नो-पार्किंग का चालान इसके अलावा अलग से काटा जाएगा। यानी नियम तोड़ने पर वाहन मालिक को दोहरा आर्थिक दंड भुगतना होगा।
पुलिस की तैयारी और टीमें
जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देश पर डीसीपी ट्रैफिक सुमित मेहरड़ा ने शहर के व्यस्त इलाकों में 80 विशेष टीमें तैयार कर दी हैं। टीमों का काम जैसे ही कोई वाहन नो-पार्किंग में दिखेगा, उसके पहिए को सीधा लॉक करना और वाहन के फ्रंट ग्लास पर स्टीकर चिपकाना होगा, जिस पर अधिकारी का संपर्क नंबर लिखा होगा। वाहन मालिक को उसी नंबर पर कॉल करके शुल्क जमा करना होगा और लॉक खुलवाना होगा।
क्यों जरूरी थी यह नई व्यवस्था?
रोजाना औसतन 580–590 नो-पार्किंग चालान काटे जाते हैं।
लगभग 150 वाहनों को क्रेन से उठाया जाता है, जिससे अक्सर वाहन को नुकसान पहुँचता था।
अब मौके पर व्हील लॉक लगाने से अवैध पार्किंग पर तुरंत लगाम लगेगी।
गाड़ी जब्ती और यार्ड तक जाने की झंझट खत्म होगी और सड़कों पर जाम भी कम होगा।
जनता को दी जाएगी चेतावनी
26 फरवरी से सख्ती शुरू होने से पहले 7-दिवसीय समझाइश अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के जरिए आम लोगों को नियमों के बारे में जागरूक किया जाएगा और उन्हें अपनी आदतें सुधारने का मौका दिया जाएगा।
जयपुर की सड़कें अब और भी संगठित और जाम-मुक्त बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस कदम से कदम मिलाकर कार्रवाई करने जा रही है।
